‘Viksit Bharat @2047’ का शिक्षा ब्लूप्रिंट तैयार: देशभर में चलेगा Education Campaign, 20 देशों की Women Leaders जुटेंगी भारत में
भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में शिक्षा को सबसे बड़ा आधार मानते हुए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने बड़ा फैसला लिया है। पुणे में हुई राष्ट्रीय प्रांत संयोजक बैठक में देशव्यापी Education Campaign, Gyan Sabhas, International Women Conference और Three Language Formula के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी।
अनन्य सोच। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की तीन दिवसीय National Province Coordinators Meeting महाराष्ट्र के पुणे स्थित श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विश्वविद्यालय में संपन्न हुई। बैठक में देश के 40 से अधिक प्रांतों से आए 200 से अधिक शिक्षाविदों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में National Education Policy (NEP), Indian Knowledge System, भारतीय भाषाएं, Vedic Mathematics, शिक्षक शिक्षा, शोध, चरित्र निर्माण और राष्ट्रोन्मुख शिक्षा जैसे विषयों पर व्यापक मंथन हुआ। संगठन ने निर्णय लिया कि आगामी समय में देश के 15 से अधिक प्रांतों में Gyan Sabhas आयोजित की जाएंगी, जिनके माध्यम से शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर जनजागरण किया जाएगा। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय “Viksit Bharat @2047 Hetu Shiksha” विषय पर राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का रहा। इसके तहत शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को जोड़कर विभिन्न क्षेत्रों में समितियां बनाई जाएंगी, जो शिक्षा आधारित विकास मॉडल पर कार्य करेंगी। जयपुर प्रांत अध्यक्ष डॉ. राजीव सक्सेना ने बताया कि 1 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता दत्तात्रेय होसबाले करेंगे। वहीं न्यास के स्थापना दिवस 2 जुलाई पर देशभर के 100 से अधिक शहरों में जनजागरण कार्यक्रम होंगे। महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए अक्टूबर में Jim Corbett में International Women Conference आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया है, जिसमें 20 से अधिक देशों की महिला शिक्षाविदों की भागीदारी सुनिश्चित हो चुकी है। बैठक में CBSE Three Language Formula के प्रभावी क्रियान्वयन का स्वागत करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय भाषाओं का संरक्षण और राष्ट्रीय एकात्मता, विकसित भारत की मजबूत नींव है। समापन सत्र में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत के भविष्य का मार्ग शिक्षा से होकर ही गुजरता है और राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम मूल्यनिष्ठ एवं भारत-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था ही है।