राजस्थान में मानसून की बेरुखी: कई जिले सूखे की कगार पर, फिर भी 7 अगस्त से बदलेगा मौसम का मिजाज, जानें अपने जिले का हाल
अनन्य सोच । Rajasthan Monsoon Update: एक तरफ जहां बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की चिंता बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने राहत भरी खबर भी दी है। प्रदेश में मानसून का कोटा अब तक पूरा नहीं हो पाया है, लेकिन एक नया सिस्टम आने वाले चार दिनों में झमाझम बारिश करा सकता है।
राजस्थान में इस साल मानसून सीजन कुछ खास मेहरबान नहीं दिख रहा। 65 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में औसत से 9.4% कम बारिश दर्ज हुई है। इस सीजन में जहां 232.71 मिमी औसत बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक सिर्फ 210.82 मिमी पानी ही बरसा है। हालात इतने गंभीर हैं कि प्रदेश के 35 जिले सूखे के कगार पर पहुंच गए हैं। पिछले साल इसी अवधि में 408.35 मिमी बारिश हुई थी, जो इस बार लगभग आधी रह गई है।
24 घंटे में इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों की बात करें तो दौसा, डीडवाना, हनुमानगढ़, कोटा और सिरोही जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश दौसा के मंडावर में 107 मिमी रिकॉर्ड की गई, जिसने सभी जिलों को पीछे छोड़ दिया।
7 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का Alert
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक Circulation System सक्रिय है और मानसून ट्रफ लाइन सामान्य स्थिति में बनी हुई है। इसके चलते 7 से 10 अगस्त तक भरतपुर, कोटा, जयपुर और अजमेर संभाग के कई हिस्सों में मध्यम से भारी, और कहीं-कहीं अतिभारी बारिश का Alert जारी किया गया है। हालांकि जोधपुर और बीकानेर संभाग में अगले 2-3 दिन बारिश की गतिविधियां कम रहेंगी, लेकिन 7 से 9 अगस्त के बीच यहां भी बारिश फिर तेज हो सकती है।
देशभर में भी सक्रिय हैं दो मानसूनी सिस्टम
राष्ट्रीय स्तर पर भी मानसून को लेकर अच्छी खबर है। हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसमी सिस्टम के चलते अगले दो हफ्तों तक देश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। जलवायु वैज्ञानिकों के अनुसार 'इंडियन ओशन डिपोल' (IOD) और 'अल नीनो' के प्रभाव से आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल देश के 66% हिस्से में अच्छी बारिश हो चुकी है, जबकि 30% क्षेत्र अभी भी पानी को तरस रहा है।