Online Degree का बड़ा खेल! UGC की सख्त चेतावनी, इन Fake Universities और EdTech Platforms से रहें सावधान
अगर आप Online Degree, Diploma या Distance Learning में एडमिशन लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। UGC ने उन EdTech Platforms और Fake Universities पर बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है, जो छात्रों को मान्यता प्राप्त डिग्री का झांसा देकर भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे में एडमिशन से पहले एक छोटी सी जांच आपकी मेहनत और लाखों रुपये बचा सकती है।
अनन्य सोच। देशभर में Online Degree और Distance Learning (ODL) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच University Grants Commission (UGC) ने छात्रों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। आयोग ने पाया है कि कुछ EdTech Platforms समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और टीवी पर ऐसे विज्ञापन चला रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि वे UGC Recognized Universities के साथ मिलकर Online Degree और Diploma Programmes संचालित कर रहे हैं। हालांकि, UGC ने साफ कर दिया है कि इस तरह की Franchise Arrangement पूरी तरह नियमों के खिलाफ है और ऐसे माध्यम से दी जाने वाली डिग्री को मान्यता नहीं मिलेगी।
UGC ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में संबंधित EdTech Companies और Higher Educational Institutions (HEIs) के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी Online Course या Distance Education Programme में प्रवेश लेने से पहले UGC-DEB की आधिकारिक वेबसाइट पर उसकी Recognition Status जरूर जांच लें।
फर्जी संस्थानों पर भी आयोग लगातार शिकंजा कस रहा है। किसी भी अनधिकृत संस्था की शिकायत मिलने पर पहले उसे नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाता है। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होता, तो उस संस्था को Fake University घोषित कर UGC की सूची में शामिल कर दिया जाता है। फरवरी 2026 तक जारी ताजा सूची में देशभर के 32 संस्थानों को Fake Universities के रूप में चिन्हित किया गया है।
इस समस्या से निपटने के लिए UGC ने वर्ष 1996 में Anti-Malpractice Cell (AMPC) का गठन किया था। यह सेल उन संस्थानों की निगरानी करता है जो बिना वैध अनुमति के डिग्री या शैक्षणिक कार्यक्रम चला रहे हैं। इसके अलावा आयोग समय-समय पर Public Notice, Warning Notice और राज्यवार Fake Universities List जारी कर छात्रों को जागरूक करता है। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर FIR दर्ज कराने का आग्रह किया गया है।
शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में लिखित जवाब के दौरान स्पष्ट किया कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए सरकार और UGC लगातार निगरानी कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी आकर्षक विज्ञापन के झांसे में आने से पहले संस्थान की UGC Recognition की पुष्टि करना ही सबसे सुरक्षित कदम है।