बालिका सैनिक स्कूलों को नई उड़ान
65.24 करोड़ का बजट, बालिका सैनिक स्कूलों में बनेंगे स्मार्ट क्लास से ग्रीन टर्फ तक आधुनिक इंतजाम
अनन्य सोच। राजस्थान में बेटियों को पढ़ाई के साथ सैन्य सेवाओं के लिए तैयार करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बीकानेर और सीकर के बालिका सैनिक विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए करीब 65.24 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है। दोनों स्कूलों को अब सामान्य आवासीय विद्यालयों के बजाय सैनिक विद्यालयों की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है।
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में तय किया गया कि जयमलसर (बीकानेर) और मोहनपुरा, सीकर स्थित बालिका सैनिक विद्यालयों का विकास झुंझुनूं और चित्तौड़गढ़ के सैनिक विद्यालयों के मॉडल पर किया जाएगा। इससे छात्राओं को पढ़ाई के साथ अनुशासन, खेल और सैन्य सेवाओं से जुड़ी तैयारी के लिए बेहतर माहौल मिल सकेगा।
हॉस्टल से लेकर प्रयोगशालाओं तक विस्तार
प्रस्तावित योजना के तहत दोनों परिसरों में नए हॉस्टल, पुस्तकालय, भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं, कैंटीन, ऑडिटोरियम, पार्किंग और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बीकानेर में अकादमिक ब्लॉक, संपर्क सड़क और अतिरिक्त स्टाफ आवास की भी योजना है।
स्कूलों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए कंप्यूटर, स्मार्ट कक्षाओं के इंटरएक्टिव डिस्प्ले, स्मार्ट बोर्ड, प्रयोगशाला उपकरण और करीब 2 हजार नई किताबों की व्यवस्था प्रस्तावित है। बीकानेर स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
खेलों में भी दिखेगा सैनिक स्कूल का अंदाज
बीकानेर का परिसर खास तौर पर खेल सुविधाओं के लिहाज से आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। यहां मल्टीपर्पज इंडोर हॉल के साथ वॉलीबॉल, तीरंदाजी, खो-खो और सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट बनाए जाएंगे। इसके अलावा सिंथेटिक ट्रैक तथा हॉकी और फुटबॉल के लिए ग्रीन टर्फ मैदान विकसित करने का प्रस्ताव है।
80-80 छात्राओं की क्षमता
दोनों विद्यालयों में प्रति स्कूल 80 छात्राओं के हिसाब से भोजन, सफाई और परिवहन जैसी दैनिक व्यवस्थाओं के लिए भी बजट रखा गया है। प्रस्तावित विकास कार्य वर्ष 2026-27 से 2028-29 के दौरान चरणबद्ध तरीके से किए जाने हैं। अब प्रस्ताव को आगे की स्वीकृति प्रक्रिया से गुजरना होगा।