“कागज़ की कश्ती” ने छेड़ी यादों की सरगम, जयपुर में सांस्कृतिक संध्या बनी भव्य और यादगार
अनन्य सोच। श्री माहेश्वरी नवयुवक मंडल, जयपुर एवं राकेश राठी प्रोडक्शन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या “कागज़ की कश्ती” राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में भव्य, सफल और यादगार आयोजन के रूप में संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित समय पर हुआ और समयबद्ध तरीके से समापन भी हुआ, जिसकी उपस्थित समाज बंधुओं ने खुलकर सराहना की।
कार्यदिवस (Working Day) होने के बावजूद बड़ी संख्या में समाजजन समय पर पहुंचकर कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक आनंद लेने पहुंचे। मधुर गीत-संगीत, शानदार मंचीय प्रस्तुतियों और भावपूर्ण माहौल ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वादिष्ट भोजन का भी आनंद लिया, जिससे आयोजन का समापन आत्मीय वातावरण में हुआ।
मंडल अध्यक्ष अखिल भाला, सचिव प्रवीण परवाल और सांस्कृतिक सचिव सौरभ सारड़ा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की सफलता में संयोजक गौरव गट्टाणी की मेहनत, सूझबूझ और समर्पण विशेष रूप से सराहनीय रहा।
कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने में श्री राकेश राठी का विशेष योगदान रहा। उनके अनुभव, उत्कृष्ट व्यवस्थाएं और हर छोटे-बड़े पहलू पर बारीकी से ध्यान देने की क्षमता ने आयोजन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वहीं कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा को प्रभावशाली बनाने में अमित चांडक की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
समाज बंधुओं ने कार्यक्रम की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं, अनुशासित संचालन और सुव्यवस्थित आयोजन की भरपूर प्रशंसा की। राठी के सहयोग से कार्यक्रम में भव्यता, अनुशासन और आत्मीयता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रख्यात निर्देशक गोपाल सिन्हा के निर्देशन में प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। लखनऊ से आई सुधांशु मणि एवं डॉ. प्रभा श्रीवास्तव की टीम ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गीत-संगीत और मंचीय प्रस्तुतियों ने सभी को पुरानी यादों से जोड़ते हुए भावनात्मक और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि (Guest of Honour) के रूप में पधारे श्री मनोज मूंदड़ा की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। अंत में मंडल पदाधिकारियों ने सभी समाज बंधुओं, सहयोगकर्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।