सड़क सुरक्षा की कमान संभालने वालों को मिला भरोसा: डिप्टी सीएम बोले- वायरल वीडियो से नहीं टूटने देंगे मनोबल
आरआईसी में सड़क सुरक्षा अधिवेशन, परिवहन निरीक्षकों ने रखीं चुनौतियां; सरकार ने बेहतर समन्वय और सुधार का दिया आश्वासन
अनन्य सोच। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में परिवहन निरीक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो के आधार पर किसी भी परिवहन निरीक्षक का मनोबल टूटने नहीं दिया जाएगा।
राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ की ओर से शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित सड़क सुरक्षा अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि किसी भी घटना का मूल्यांकन एकतरफा नहीं होना चाहिए। उन्होंने धौलपुर प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके बाद परिवहन विभाग और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिससे कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनी है।
अधिवेशन में परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा, परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में परिवहन निरीक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा, प्रवर्तन और विभागीय चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
रोड सेफ्टी विशेषज्ञ एवं आरटीओ डॉ. वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने दुर्घटनाओं की रोकथाम और सड़क सुरक्षा मानकों पर प्रस्तुतीकरण दिया। वहीं परिवहन निरीक्षक दीपक शर्मा ने एक्सप्रेस-वे पर चेकिंग अधिकार सहित कई मांगें उठाईं। रवि दत्त शर्मा ने कैडर पुनर्गठन का मुद्दा उठाते हुए बताया कि निरीक्षकों को डीटीओ पद तक पहुंचने में कई बार 25 वर्ष तक का लंबा इंतजार करना पड़ता है।
डॉ. बैरवा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का लक्ष्य सड़क हादसों में प्रभावी कमी लाना है। उन्होंने परिवहन निरीक्षकों से ईमानदारी, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनका सबसे बड़ा दायित्व सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति के जीवन की रक्षा करना है। अधिवेशन में सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।