50 साल… 50 करोड़ यादें! जयपुर का ‘राज मंदिर’ फिर रचेगा इतिहास, गोल्डन जुबली पर FREE में दिखेंगी बॉलीवुड की 5 सबसे आइकॉनिक फिल्में

अविनाश। कभी टिकट के लिए रातभर लगती थीं लाइनें… अब एक जून को फिर लौटेगा वही सुनहरा दौर, जानिए क्यों खास बनने जा रहा है यह दिन

May 27, 2026 - 07:42
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50 साल… 50 करोड़ यादें! जयपुर का ‘राज मंदिर’ फिर रचेगा इतिहास, गोल्डन जुबली पर FREE में दिखेंगी बॉलीवुड की 5 सबसे आइकॉनिक फिल्में

अनन्य सोच। गुलाबी नगरी की पहचान, सिनेमा प्रेमियों का मंदिर और दुनिया भर में ‘द शो प्लेस ऑफ द नेशन’ के नाम से मशहूर राज मंदिर सिनेमा अब अपने गौरवशाली सफर के 50 वर्ष पूरे करने जा रहा है। पांच दशकों से जयपुर की सांस्कृतिक धड़कन बना यह प्रतिष्ठित थिएटर अब अपनी गोल्डन जुबली को ऐसे अंदाज में मनाने जा रहा है, जो हर सिने प्रेमी के लिए किसी सपने से कम नहीं होगा।

1 जून, रविवार को राज मंदिर प्रबंधन दर्शकों को ऐसा तोहफा देने जा रहा है, जिसकी चर्चा पूरे शहर में शुरू हो चुकी है। इस ऐतिहासिक मौके पर एक ही दिन में बॉलीवुड की 5 कालजयी फिल्मों की स्क्रीनिंग बिल्कुल मुफ्त की जाएगी। खास बात यह है कि इन फिल्मों ने कभी राज मंदिर की स्क्रीन पर रिकॉर्डतोड़ भीड़ जुटाई थी और अब एक बार फिर वही जादू लौटने वाला है।

‘चरस’ से शुरू हुआ सफर, आज भी बरकरार है वही शाही एहसास

राज मंदिर का उद्घाटन 1 जून 1976 को राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने किया था। यहां पहली फिल्म ‘चरस’ दिखाई गई थी, जिसमें धर्मेंद्र और हेमा मालिनी मुख्य भूमिका में थे। उस दौर में राज मंदिर सिर्फ एक थिएटर नहीं, बल्कि जयपुर की नई पहचान बनकर उभरा था।

अपनी शानदार वास्तुकला, झूमरों से सजे भव्य इंटीरियर, गुलाबी रोशनी और राजसी अनुभव के कारण यह थिएटर देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना। आज भी यहां फिल्म देखना किसी सिनेमाई उत्सव से कम नहीं माना जाता।

यहां सिर्फ फिल्में नहीं… लोगों की भावनाएं भी चलीं

राज मंदिर की असली कहानी पर्दे पर नहीं, बल्कि उन यादों में बसती है जो यहां आने वाले लोग अपने साथ ले गए। पुराने कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने यहां फिल्मों से ज्यादा लोगों की भावनाएं देखी हैं। किसी की पहली डेट, किसी की शादी के बाद पहली फिल्म, तो किसी के परिवार की रविवार वाली परंपरा… राज मंदिर इन सबका गवाह बना।

बीते 50 वर्षों से यहां कार्यरत किशोर कुमार काला बताते हैं कि शुरुआत में यहां 1168 सीटें थीं, लेकिन दर्शकों की सुविधा के लिए अब सीटें घटाकर 862 कर दी गईं। इसके बावजूद थिएटर का आकर्षण जरा भी कम नहीं हुआ। अब तक यहां 400 से अधिक फिल्में लग चुकी हैं।

75-75 सप्ताह तक चली थीं ये सुपरहिट फिल्में

राज मंदिर इंचार्ज अंकुर खंडेलवाल के अनुसार वर्ष 1985 में रिलीज हुई ‘राम तेरी गंगा मैली’ और 1994 में आई ‘हम आपके हैं कौन’ यहां लगातार 75-75 सप्ताह तक चली थीं। उस समय टिकट पाने के लिए लंबी लाइनें लगती थीं और लोग कई दिन पहले से प्लानिंग किया करते थे।

गोल्डन जुबली पर पूरे दिन चलेगा सिनेमा का महाउत्सव

राज मंदिर प्रबंधन ने जयपुरवासियों के प्रति आभार जताते हुए पूरे दिन फिल्मों का विशेष आयोजन रखा है। सभी शो निशुल्क रहेंगे और टिकट ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर दिए जाएंगे। बुकिंग BookMyShow और राज मंदिर काउंटर से होगी।

गोल्डन जुबली फिल्म फेस्टिवल: पूरा शेड्यूल

समय फिल्म

सुबह 08:00 बजे चुपके चुपके

सुबह 11:00 बजे हम आपके हैं कौन..!

दोपहर 03:00 बजे राम तेरी गंगा मैली

शाम 06:30 बजे दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे

रात 10:15 बजे जिंदगी ना मिलेगी दोबारा

राज मंदिर: 50 वर्षों का सफर एक नजर में

खास बातें जानकारी

उद्घाटन 1 जून 1976

पहली फिल्म चरस

वर्तमान सीटें 862

पहले सीटें 1168

अब तक लगी फिल्में 400+

सबसे ज्यादा चली फिल्में राम तेरी गंगा मैली, हम आपके हैं कौन

विशेष पहचान Showplace of the Nation

एक जून को सिर्फ फिल्में नहीं, यादें भी लौटेंगी

राज मंदिर की गोल्डन जुबली सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि उस दौर का जश्न होगी जब लोग फिल्मों को सिर्फ देखते नहीं थे, जीते थे। एक बार फिर वही सीटें, वही पर्दा और वही तालियां जयपुर को पुराने सुनहरे दौर में ले जाएंगी।