18 जनवरी को होगा चर्चित हास्य-व्यंग्य नाटक “ग़ालिब इन न्यू दिल्ली” का मंचन

जयपुर में उठेगा हास्य का सधा हुआ पर्दा, मंच से बहेगी सोच को छूती हुई हँसी

18 जनवरी को होगा चर्चित हास्य-व्यंग्य नाटक “ग़ालिब इन न्यू दिल्ली” का मंचन

Ananya soch

अनन्य सोच। जब मंच पर व्यंग्य शालीन हो, संवाद चुभें लेकिन मुस्कान राहत बन जाए और हँसी सोच को छूकर बह निकले, तब रंगमंच केवल मनोरंजन नहीं बल्कि संवाद बन जाता है. ऐसा ही अनुभव जयपुर के रंगमंच प्रेमियों को रविवार, 18 जनवरी को मिलने जा रहा है. इस दिन बहुचर्चित हास्य-व्यंग्य नाटक “ग़ालिब इन न्यू दिल्ली” का मंचन महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में किया जाएगा. कार्यक्रम का शुभारंभ शाम साढ़े पाँच बजे होगा.

यह प्रस्तुति जयपुर में नवगठित सांस्कृतिक मंच “दी कला मंच – अभिव्यक्ति का आँगन” के अंतर्गत आयोजित पहला कार्यक्रम है. मंच की परिकल्पना एवं स्थापना से जुड़े संस्थापक राजेश शर्मा और सतिन्दर सिंह ने बताया कि यह मंच रंगमंच, संगीत, नृत्य और साहित्य जैसी कला विधाओं को एक साझा और सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है. इसका लक्ष्य कला का संरक्षण करना और कलाकारों को स्वतंत्र, सार्थक और प्रभावी अभिव्यक्ति का अवसर देना है.

नाटक संध्या की शुरुआत प्रभुवंदना के रूप में राधा–कृष्ण महारास की विशेष प्रस्तुति से होगी. लगभग दस मिनट की यह भावपूर्ण प्रस्तुति तरु सारस्वत के निर्देशन में पल्लवी लोककला केंद्र द्वारा प्रस्तुत की जाएगी, जो दर्शकों को भारतीय लोक परंपरा और सांस्कृतिक भावभूमि से जोड़ेगी.

“ग़ालिब इन न्यू दिल्ली” का कथानक समकालीन समय और सामाजिक-राजनीतिक परिवेश को मिर्ज़ा ग़ालिब की कल्पनात्मक उपस्थिति के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत करता है. यह नाटक केवल हास्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोकतांत्रिक संवेदनाओं, सत्ता की भाषा और आम आदमी की उलझनों पर सुसंस्कृत व्यंग्यात्मक दृष्टि डालता है. नाटक की पटकथा और निर्देशन दिल्ली के प्रसिद्ध रंगकर्मी डॉ. एम. सैयद आलम द्वारा किया गया है, जो अपने बौद्धिक और समकालीन व्यंग्य के लिए देशभर में पहचाने जाते हैं. ग़ालिब की शायरी, सटीक संवाद और प्रभावशाली अभिनय इस प्रस्तुति को जीवंत और विचारोत्तेजक अनुभव बनाते हैं.