बड़े नाम, खाली कुर्सियाँ: जेकेके की ‘रंग चौपाल’ में नहीं जुटे दर्शक, एक घंटे देर से पहुँचीं मैथिली ठाकुर
Ananya soch
अनन्य सोच। Jawahar Kala Kendra के कृष्णायन सभागार में आयोजित “रंग चौपाल: गुरु-शिष्य परंपरा” कार्यक्रम इस बार अपेक्षित उत्साह नहीं जुटा सका. कार्यक्रम में चर्चित फिल्म निर्देशक Dr. Prakash Jha और लोकप्रिय लोकगायिका Maithili Thakur को उनके भाइयों Rishab Thakur और Ayachi Thakur के साथ संवाद करना था, लेकिन कार्यक्रम में दर्शकों की कमी साफ दिखाई दी.
दोपहर 3:00 से 4:00 बजे तक निर्धारित इस संवाद की शुरुआत तय समय पर नहीं हो सकी. जानकारी के अनुसार कलाकार एक घंटे की देरी से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे. इस देरी और कम भीड़ के कारण कार्यक्रम की शुरुआत में ही माहौल थोड़ा असहज नजर आया.
कृष्णायन सभागार में दर्शकों की खाली कुर्सियां आयोजन की कमजोर तैयारी की ओर इशारा करती दिखीं. कई लोगों का मानना था कि कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए. इतने बड़े नामों के बावजूद यदि आयोजन का प्रभावी प्रचार किया जाता, तो निश्चित रूप से अधिक लोग इस सांस्कृतिक संवाद का हिस्सा बन सकते थे.
हालांकि मंच पर हुई बातचीत में गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय लोकसंगीत की विरासत और पारिवारिक संस्कारों पर चर्चा की गई. कलाकारों ने अपने संगीत सफर और अनुभव साझा किए, लेकिन सीमित दर्शकों की मौजूदगी के कारण कार्यक्रम वह प्रभाव नहीं छोड़ पाया जिसकी उम्मीद की जा रही थी.
सांस्कृतिक हलकों में यह चर्चा भी रही कि बेहतर योजना, समयबद्धता और व्यापक पब्लिसिटी के साथ ऐसा आयोजन शहर के कला प्रेमियों के लिए बड़ा आकर्षण बन सकता था, लेकिन इस बार “रंग चौपाल” अपेक्षित चमक नहीं बिखेर पाई.