नाहरगढ़ जैविक उद्यान में जन्मे बाघ शावक स्वस्थ, विशेषज्ञों की निगरानी में हो रही विशेष देखभाल
24 घंटे मॉनिटरिंग और हैंड रियरिंग से बढ़ रहा स्वास्थ्य
अनन्य सोच। Nahargarh Biological Park स्थित टाइगर सफारी में 18 अप्रैल को जन्मे दोनों बाघ शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनकी विशेष देखभाल की जा रही है। वन विभाग के अनुसार शावकों की स्थिति अब स्थिर है तथा उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार देखा जा रहा है।
बाघिन ‘भक्ति’ के असामान्य व्यवहार के बाद लिया गया फैसला
उल्लेखनीय है कि बाघिन ‘भक्ति’ को वर्ष 2024 में वन्यजीव एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत पुणे चिड़ियाघर से नाहरगढ़ लाया गया था, जबकि नर बाघ को नागपुर चिड़ियाघर से लाया गया था।
शावकों के जन्म के बाद बाघिन भक्ति के असामान्य व्यवहार और शावकों को दूध नहीं पिलाने की स्थिति सामने आई। शावकों की नाजुक हालत को देखते हुए पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक, पांच बत्ती द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर दोनों शावकों को वन्यजीव चिकित्सालय की नियोनेटल केयर यूनिट में स्थानांतरित किया गया।
आंखें खुलीं, गतिविधियां सामान्य
वन्यजीव चिकित्सकों के अनुसार दोनों शावकों ने अब आंखें खोल ली हैं और उनकी गतिविधियां सामान्य पाई गई हैं। शावकों के विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण भी किए गए, जिनकी रिपोर्ट सामान्य आई है।
विशेषज्ञों की टीम लगातार उनके वजन, भोजन और व्यवहार पर नजर रख रही है। नियोनेटल केयर यूनिट में शिफ्ट किए जाने के बाद दोनों शावकों के वजन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
विटामिन, मिनरल्स और सीसीटीवी निगरानी
चिकित्सकों द्वारा शावकों को आवश्यक विटामिन, मिनरल्स और अन्य दवाइयां दी जा रही हैं। साथ ही उनकी डाइट को धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है, ताकि उनका शारीरिक विकास बेहतर तरीके से हो सके।
वन विभाग ने बताया कि शावकों की दैनिक गतिविधियों की चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम प्रतिदिन स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है, जिससे किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
वन्यजीव संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत
नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बाघ शावकों का स्वस्थ रहना वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सकारात्मक उपलब्धि माना जा रहा है। वन विभाग और चिकित्सकों की सतर्कता के चलते दोनों शावकों की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है, जिससे वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है।