15 दिन की डेडलाइन… अब घर-घर पहुंचेगी टीम: 89 लाख पेंशनधारकों के सत्यापन पर सरकार का बड़ा एक्शन
96.50% सत्यापन पूरा, बाकी मामलों के लिए जिला स्तर पर चलेगा विशेष अभियान; मंत्री अविनाश गहलोत ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
अनन्य सोच। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और पात्र लोगों तक समय पर लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने अब बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी कर ली है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने पेंशन सत्यापन से वंचित लाभार्थियों का आगामी 15 दिनों में विशेष अभियान चलाकर सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी जिला कलेक्टर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
शुक्रवार को जयपुर स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार बुजुर्ग पेंशनधारकों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 89 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स हैं, जिनमें से 96.50 प्रतिशत का सत्यापन पूरा हो चुका है। अब शेष 3.50 फीसदी लंबित मामलों को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में उन पांच जिलों की भी समीक्षा की गई, जहां सत्यापन के सबसे अधिक मामले लंबित हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्यालय स्तर से अधिकारियों की विशेष टीमें भेजकर इन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कराया जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक की बजट घोषणाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि कुल 50 घोषणाओं में से 26 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 18 प्रक्रियाधीन हैं और शेष पर कार्य शुरू किया जा चुका है। उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को और अधिक सक्रियता से काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में छात्रवृत्ति, पालनहार, अंतरजातीय विवाह, मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग, दिव्यांग स्कूटी, सिलिकोसिस योजना और नशामुक्ति केंद्र जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अन्य राज्यों के नवाचारों का अध्ययन कर राजस्थान में बेहतर मॉडल लागू करने पर भी जोर दिया।
अब देखना होगा कि सरकार का यह 15 दिवसीय अभियान लाखों लंबित पेंशनधारकों तक कितनी तेजी से राहत पहुंचा पाता है।