सिटी पैलेस में गूंजेगी राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, 18 मई से शुरू होगा एक माह का विशेष प्रशिक्षण शिविर

कथक, मिनिएचर पेंटिंग, ध्रुपद, थिएटर से लेकर ढूंढाड़ी भाषा तक—एक मंच पर सीखने का मिलेगा अवसर

May 16, 2026 - 14:32
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सिटी पैलेस में गूंजेगी राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, 18 मई से शुरू होगा एक माह का विशेष प्रशिक्षण शिविर

अनन्य सोच। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से जयपुर के ऐतिहासिक City Palace Jaipur में 18 मई से 18 जून तक एक माह का “सांस्कृतिक विरासत प्रशिक्षण शिविर” आयोजित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष शिविर का संचालन महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय संग्रहालय, रंगरीत स्टूडियो और सरस्वती कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में होगा।

राजपरिवार प्रमुख Sawai Padmanabh Singh ने बताया कि शिविर का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों को राजस्थान की पारंपरिक कला, संगीत, नृत्य, भाषा और संस्कृति से जोड़ना है। यह आयोजन केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विलुप्त होती लोक एवं पारंपरिक कलाओं के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है।

शिविर संयोजक एवं वैदिक चित्रकार Ramu Ramdev के अनुसार, सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे, जबकि शनिवार और रविवार को विशेष कार्यशालाएं एवं सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी।

प्रशिक्षण में कथक एवं लोकनृत्य की बारीकियां डॉ. ज्योतिभारती गोस्वामी सिखाएंगी, वहीं मिनिएचर पेंटिंग और पारंपरिक चित्रकला का प्रशिक्षण रामू रामदेव, हेमंत रामदेव और बाबूलाल मरोठिया देंगे। थिएटर कला की जिम्मेदारी डॉ. चंद्रदीप सिंह हाड़ा संभालेंगे, जबकि ध्रुपद गायन का प्रशिक्षण डॉ. मधु भट्ट तैलंग देंगी। इसके अलावा वैदिक ज्योतिष, आला-गीला एवं आराइश, टेक्सटाइल ब्लॉक प्रिंटिंग, कैलीग्राफी, ढूंढाड़ी भाषा और बाँसुरी जैसे विषय भी शिविर का हिस्सा होंगे।

आयोजकों के अनुसार शिविर में सीमित सीटें उपलब्ध रहेंगी और इच्छुक प्रतिभागियों के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने की दिशा में यह आयोजन युवाओं के लिए सीखने और राजस्थान की जड़ों से जुड़ने का सुनहरा अवसर साबित होगा।