Rajasthan Government Schemes: राजस्थान में औद्योगिक नीतियों को डिजिटल मजबूती. तीन प्रमुख योजनाओं के आवेदन अब पूरी तरह ऑनलाइन

उद्यमियों को बड़ी राहत. एसएसओ आईडी और ईमित्र से घर बैठे आवेदन, मिलेगी रियल टाइम स्टेटस जानकारी

Rajasthan Government Schemes: राजस्थान में औद्योगिक नीतियों को डिजिटल मजबूती. तीन प्रमुख योजनाओं के आवेदन अब पूरी तरह ऑनलाइन

Ananya soch: Rajasthan MSME Policy 2024

अनन्य सोच। Rajasthan Government Schemes:  सरकार ने उद्योगों और उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है. उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की तीन प्रमुख औद्योगिक नीतियों— (One District One Product Policy) एक जिला एक उत्पाद नीति-2024, (Rajasthan Export Promotion) राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 तथा राजस्थान एमएसएमई नीति-2024—के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है. अब इच्छुक उद्यमी एसएसओ आईडी अथवा ईमित्र के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। यह नई व्यवस्था 1 फरवरी से लागू हो चुकी है. 

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया समाप्त, पोर्टल पर अपलोड होंगे सभी आदेश

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा सभी जिला महाप्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि इन नीतियों के अंतर्गत अब किसी भी प्रकार के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. साथ ही, इन योजनाओं के तहत अब तक जारी किए गए सभी स्वीकृति आदेशों को भी विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और आवेदकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. 

डिजिटल प्रक्रिया से समय और संसाधनों की बचत. सुरेश कुमार ओला

(Rajasthan Industry News) उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया के ऑनलाइन होने से उद्यमियों को अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. आवेदन की स्थिति की रियल टाइम जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश प्रक्रिया के सरलीकरण और डिजिटलाइजेशन की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है. इन्हीं सुधारों के चलते राजस्थान आज व्यापार सुगमता और उद्योग स्थापना के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है. 

एक जिला एक उत्पाद नीति-2024. स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार

राज्य के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू की गई एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 के अंतर्गत प्रदेश के सभी 41 जिलों में एक-एक प्रमुख उत्पाद की पहचान की गई है. इस नीति के तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपये तक का मार्जिन मनी अनुदान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर पर 5 लाख रुपये तक अनुदान, क्वालिटी सर्टिफिकेशन और आईपीआर पर 3 लाख रुपये तक पुनर्भरण का प्रावधान है. विपणन आयोजनों में भागीदारी के लिए 2 लाख रुपये तक सहायता, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 1 लाख रुपये प्रतिवर्ष दो वर्षों तक पुनर्भरण तथा कैटलॉगिंग और ई-कॉमर्स वेबसाइट विकास के लिए 75 हजार रुपये तक की एकमुश्त सहायता भी दी जाती है. 

राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024. निर्यातकों को मिलेगी वैश्विक पहचान

राज्य के उद्यमियों को निर्यात के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 के अंतर्गत निर्यातकों को दस्तावेजीकरण पर 5 लाख रुपये तक और तकनीकी अपग्रेडेशन पर 50 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी के लिए 3 लाख रुपये तक का अनुदान तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 2 लाख रुपये तक का पुनर्भरण भी किया जाता है. 

राजस्थान एमएसएमई नीति-2024. छोटे उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा की तैयारी

छोटे और मध्यम उद्यमों को मजबूती देने के उद्देश्य से लागू की गई राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 के तहत ऋण पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है. इसके साथ ही एसएमई एक्सचेंज के माध्यम से पूंजी जुटाने पर 15 लाख रुपये तक की सहायता, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर पर 5 लाख रुपये तक अनुदान तथा क्वालिटी सर्टिफिकेशन और आईपीआर पर 3 लाख रुपये तक पुनर्भरण का प्रावधान है. विपणन आयोजनों में भागीदारी पर 1.5 लाख रुपये तक अनुदान, डिजिटल उपकरणों पर 50 हजार रुपये तक तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 50 हजार रुपये तक पुनर्भरण की सुविधा भी दी जा रही है.