Jaigarh Heritage Festival: वेदांता द्वारा प्रस्तुत जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल में दिखेंगे कला, संगीत और संस्कृति के 10 प्रमुख आकर्षण
जयगढ़ किले में आयोजित फेस्टिवल में दिखेंगे कला, संगीत और संस्कृति के खूबसूरत रंग
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Ananya soch: Jaigarh Heritage Festival
अनन्य सोच। Jaigarh Heritage Festival: वेदांता द्वारा प्रस्तुत Jaigarh Heritage Festival 27 से 29 दिसंबर तक चलेगा. जयपुर की समृद्ध परंपराओं, भव्य वास्तुकला और राजस्थान की जीवंत कला एवं संस्कृति का यह एक विशिष्ट उत्सव होगा. वेदांता के #ArtInEveryHeart (आर्ट इन एवरी हार्ट) दृष्टिकोण के तहत, यह तीन दिवसीय फेस्टिवल इतिहास, संगीत और समुदाय के माध्यम से एक यादगार यात्रा का अवसर प्रदान करेगा, जिसका आयोजन राजस्थान के सबसे पुराने मध्यकालीन स्मारकों में से एक, जयगढ़ किले में किया जाएगा. तीन दिनों के इस फेस्टिवल में, उपस्थित लोग राजस्थान की कला धरोहर को सम्मानित करने वाले लोक और शास्त्रीय प्रदर्शन का आनंद ले सकेंगे. यह आयोजन वेदांता और जयपुर के शाही परिवार के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें जयपुर के महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह और प्रिया अग्रवाल हेब्बर, हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड की चेयरपर्सन एवं वेदांता की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, इस सांस्कृतिक पहल के प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं. साथ मिलकर, उनका लक्ष्य राजस्थान की अद्वितीय धरोहर को दुनिया भर में प्रमुखता से पेश करना और इसकी सांस्कृतिक जीवंतता को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देना है.
इस वर्ष के खास अनुभवों में 10 प्रमुख आकर्षण शामिल हैं:
जयगढ़ किले की भव्यता को निहारने का मौका यह फेस्टिवल राजस्थान के ऐतिहासिक जयगढ़ किले और अन्य वास्तुशिल्प विरासतों को प्रमुखता से दिखाएगा. मार्गदर्शित हेरिटेज वॉक्स, वर्कशॉप्स और दिलचस्प बातचीत के माध्यम से, दर्शक जयपुर की वास्तुकला और शाही परिवारों की इस धरोहर को संजोने के प्रयासों को और बेहतरी से समझने में मदद मिलेगी.
नंद घर अनुभव केंद्र: समावेशी विकास का उत्सव
नंद घर का अनुभव केंद्र भारत की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रदर्शन होगा। यह परियोजना वेदांता के सामाजिक प्रभावी शाखा, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा संचालित है, जो राजस्थान की समृद्ध परंपराओं को महिलाओं और बच्चों के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से जोड़ती है.
इस केंद्र में शामिल होगा:
• कौशल विकास पर आधारित वर्कशॉप्स, जैसे- ब्लॉक प्रिंटिंग, दीया पेंटिंग, कठपुतली और खरताल बजाना। फेस्टिवल में शामिल लोग इन वर्कशॉप्स में सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे.
नंद घर आँगनवाड़ियों को पुनः परिभाषित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ 6 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल तक पहुँच प्रदान करके और कौशल विकास की गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जाता है.
दाइची और उपाया: महिलाओं का उद्यमिता के माध्यम से सशक्तिकरण
हिंदुस्तान ज़िंक की 'सखी' और 'माइक्रो एंटरप्राइज़' पहल के तहत महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए प्रीमियम परिधानों और खाद्य उत्पादों को देखें. इस वर्ष के विंटर कलेक्शन का अनावरण एक खास रैम्प वॉक के माध्यम से किया जाएगा, जहाँ आप हस्तनिर्मित उत्पाद खरीद सकते हैं.
उपाया: उच्च गुणवत्ता वाले हस्तनिर्मित परिधान
दाइची: राजस्थान के पारंपरिक तेल, अचार, मसाले और अन्य उत्पाद
इस परियोजना ने वित्त वर्ष 2024 में 1.5 करोड़ रुपए से भी अधिक की आय अर्जित की है, जो महिलाओं को सशक्त बनाने, आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाने और मजबूत समुदाय विकसित करने का प्रमाण है.
पारंपरिक छाछ बनाने के लिए प्रदर्शनी
समाधान परियोजना की महिलाओं द्वारा बिलोना छाछ बनाने की पारंपरिक विधि की प्रदर्शनी में शामिल हों, जो स्वास्थ्यवर्धक और टिकाऊ खाद्य प्रथाओं को बढ़ावा देती है और राजस्थान की ग्रामीण पाक कला को प्रस्तुत करती है.
उथोरी द्वारा स्ट्रीट प्ले: लैंगिक समानता की ओर एक कदम
उथोरी पहल के तहत आयोजित एक ऐसे प्रभावशाली स्ट्रीट प्ले से जुड़ें, जो लैंगिक समावेशन और समानता का प्रचार करता है. यह प्रदर्शन मासिक धर्म स्वास्थ्य, बाल विवाह और लिंग आधारित हिंसा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाता है, जिससे समाज में जागरूकता फैलती है और सामाजिक कलंक को कम करने में मदद मिलती है.
रूमा देवी का दृष्टिकोण: शिल्पकला में नयापन
नारी सम्मान पुरस्कार प्राप्तकर्ता रूमा देवी की अद्भुत शिल्पकारी देखें. ग्रामीण विकास चेतना संस्थान (जीवीसीएस) की संस्थापक रूमा देवी के कार्यों को केयर्न ऑइल एंड गैस द्वारा मार्केट लिंकेज के माध्यम से समर्थन मिलता है, जो ग्रामीण कारीगरों को सशक्त बनाते हुए उनके शिल्प को वैश्विक मंच पर लाते हैं.
जीजी बाई पहल के साथ मिलेट का जादू
जीजी बाई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए मिलेट कुकीज़ का स्वाद लें, जिसे केयर्न ऑइल एंड गैस द्वारा समर्थन प्राप्त है. यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाती है और स्वस्थ नाश्ते को बढ़ावा देती है, खासकर राजस्थान के बाड़मेर जिले में.
मारू सागर डेयरी उत्पाद: ग्रामीण किसानों का सशक्तिकरण
मारू सागर, जो केयर्न ऑइल एंड गैस की पहल है, राजस्थान के 63 गाँवों के 6,600 से अधिक डेयरी किसानों का समर्थन करती है. यह प्रोजेक्ट दूध में मिलावट और बिचौलियों के शोषण जैसी समस्याओं का समाधान करता है, साथ ही ग्रामीण आय को बढ़ाता है और पारंपरिक प्रथाओं को संरक्षित करता है.
भोपा भोपी लोक कला: गाने वाली कहानियां
केयर्न ऑइल एंड गैस के सहयोग से भोपा भोपी कलाकारों द्वारा दिल को छूने वाले प्रदर्शन में रचनात्मकता और संस्कृति का अद्भुत मिश्रण है. ये पारंपरिक कहानीकार राजस्थान की समृद्ध लोककथाओं को जीवित रखते हैं, जिसके माध्यम से इस अनोखी कला को संरक्षित किया जा रहा है.
टाको द्वारा जैविक दीए: एक स्थायी रोशनी
द एनिमल केयर ऑर्गनाइजेशन (टाको) द्वारा हस्तनिर्मित दीए बनाए जाते हैं. इन दीयों को गाय के गोबर से बनाया जाता है, जिसमें मुल्तानी मिट्टी और जैविक गाय उत्पाद मिलाए जाते हैं, जो करुणा, स्थिरता और पशु कल्याण का प्रतीक हैं.