तसनीम ख़ान के कहानी-संग्रह ‘बवालिस्तान’ का लोकार्पण

नवल पांडेय।

तसनीम ख़ान के कहानी-संग्रह ‘बवालिस्तान’ का लोकार्पण

Ananya soch

अनन्य सोच। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आज युवा लेखिका तसनीम ख़ान के कहानी-संग्रह ‘बवालिस्तान’ का लोकार्पण किया गया. यह पुस्तक अनबाउंड स्क्रिप्ट से प्रकाशित हुई है। विमोचन समारोह में साहित्य, समाज और समकालीन यथार्थ पर केंद्रित सार्थक संवाद देखने को मिला. इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज ने तसनीम ख़ान को हमारे समय की एक महत्वपूर्ण और सशक्त रचनाकार बताते हुए कहा कि उनके उपन्यास और कहानियाँ समकालीन हिंदी-उर्दू लेखन में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. उन्होंने कहा कि तसनीम जयपुर की शान हैं और उनकी रचनाओं में एक विशिष्ट दृष्टि दिखाई देती है. नंद भारद्वाज ने यह भी उल्लेख किया कि तसनीम की कुछ कहानियाँ ‘बॉर्डर स्टेट’ से आने वाले अन्य रचनाकारों की तरह सरहद के आर-पार देखने की संवेदना रखती हैं. उनके फिक्शन में विभाजन के प्रसंग और उसके सामाजिक-सांस्कृतिक असर गहराई से दर्ज हैं. 

समारोह में बोलते हुए लेखिका तसनीम ख़ान ने कहा कि ‘बवालिस्तान’ बंटवारे के भीतर छिपे कई और बंटवारे की कहानियाँ हैं. उन्होंने कहा कि ये कहानियाँ मूलतः राजस्थान की हैं और कुछ हद तक रेगिस्तान की भी, जहाँ जीवन कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पूरी जीवटता के साथ चलता है. उन्होंने बताया कि राजस्थान सांप्रदायिक सौहार्द का एक अनूठा उदाहरण रहा है, जहाँ विभिन्न समुदायों के लोग पीढ़ियों से प्रेम और आपसी सम्मान के साथ रहते आए हैं. बाबरी मस्जिद विध्वंस और गुजरात जैसी घटनाओं के बाद भी राजस्थान काफी हद तक ऐसे तनावों से अछूता रहा है. 

तसनीम ख़ान ने कहा कि उनकी कहानियों में उसी सामाजिक जीवटता और जिजीविषा को दर्ज करने का प्रयास है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कहानियाँ प्रेम और मनुष्यता की कहानियाँ हैं और उनके अनुसार प्रेम से बड़ा कोई प्रतिरोध संभव नहीं है. 

उन्होंने यह भी कहा कि ‘बवालिस्तान’ की कहानियाँ अपने समय की राजनीति और मीडिया से भी मुठभेड़ करती हैं. कभी कस्बों, ढाणियों और गाँवों की राजनीति पानी, बिजली और स्कूल जैसे बुनियादी मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती थी, लेकिन आज राजनीति ने दिलों के भीतर घुसपैठ कर ली है और मानवीय रिश्तों पर उसका असर साफ़ दिखाई देता है. यह बदलाव उनकी कहानियों में पूरी सच्चाई और संवेदना के साथ उभरता है. 

कार्यक्रम में मौजूद श्रोताओं और साहित्यप्रेमियों ने कहानी-संग्रह में उठाए गए विषयों की सराहना की और इसे समकालीन समाज को समझने का महत्वपूर्ण दस्तावेज़ बताया. विमोचन अवसर पर साहित्यिक जगत के अनेक लेखक, पाठक और उत्साही युवा भी उपस्थित रहे.