रंगमंच, लोककला और व्यंग्य का अनूठा संगम बनेगा 8वां राजरंगम् नाट्य समारोह
14 और 15 मई को जवाहर कला केन्द्र में होंगे नाटक, लोकनाट्य, संगोष्ठी और चित्र प्रदर्शनी के विशेष आयोजन
अनन्य सोच। जवाहर कला केन्द्र में 14 और 15 मई 2026 को 8वें राजरंगम् नाट्य समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से स्वीकृत यह राष्ट्रीय स्तर का नाट्य समारोह एक्टर्स थिएटर एट राजस्थान एवं जवाहर कला केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा। वर्ष 2013 से लगातार आयोजित हो रहा यह समारोह राजस्थान के रंगमंचीय और शैक्षणिक वातावरण को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।
समारोह के आयोजक डॉ. चन्द्रदीप हाड़ा ने बताया कि राजस्थान की कला, संस्कृति और रंगमंचीय परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से इस आयोजन की शुरुआत की गई थी। इस बार समारोह में विशेष नवाचार करते हुए लोक नाटक और नुक्कड़ नाटक को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।
समारोह के तहत 14 मई को शाम 7 बजे रंगायन सभागार में एसएनए अवॉर्डी गगन मिश्रा के निर्देशन में हास्य नाटक ‘फ्लर्ट’ का मंचन किया जाएगा। यह नाटक पद्मश्री नरेंद्र कोहली की प्रसिद्ध कहानी ‘मालिनी’ पर आधारित है, जिसमें प्रेम और उसकी अभिव्यक्ति को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।
वहीं 15 मई को शाम 7 बजे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय स्नातक चिन्मय दास के निर्देशन में व्यंग्यात्मक हास्य नाटक ‘तार्तूफ’ मंचित होगा। यह नाटक धार्मिक पाखंड और अंधविश्वास पर तीखा व्यंग्य करता है और समाज को गंभीर संदेश देता है।
इसी दिन सुबह 10 बजे कृष्णायन सभागार में जयपुर की पारंपरिक लोकनाट्य शैली ‘तमाशा’ पर आधारित ‘गोपीचन्द भर्तृहरि’ का मंचन तमाशा साधक दिलीप भट्ट के निर्देशन में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सुबह 11:30 बजे ‘एक रंगकर्मी से वार्ता’ विषय पर विशेष संगोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें रंगमंच की चुनौतियों, नए कलाकारों की तैयारी और समाज में थिएटर की भूमिका पर चर्चा की जाएगी।
समारोह के दौरान नाट्य निर्देशकों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नुक्कड़ नाटक ‘वनिकरण’ का मंचन हिंगोनिया गौशाला और कृष्णायन सभागार में किया जाएगा। यह आयोजन कला प्रेमियों और रंगकर्मियों के लिए एक यादगार सांस्कृतिक उत्सव साबित होगा।