रेप का ‘नॉर्मलाइज’ होना सबसे खतरनाक चेतावनी. तापसी पन्नू ने जयपुर में समाज से पूछा आत्ममंथन का सवाल
‘10 साल का बच्चा अगर गुनहगार है, तो हम सब कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं’ — फिल्म अस्सी के प्रमोशन के दौरान तापसी का तीखा और संवेदनशील बयान
Ananya soch: Taapsee Pannu Statement
अनन्य सोच। Assi Movie Promotion: बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ने समाज में बढ़ते यौन अपराधों और उन्हें सामान्य खबरों की तरह देखने की मानसिकता पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद भयावह और चिंताजनक है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब रेप जैसे जघन्य अपराध चोरी या सामान्य अपराध की तरह पढ़े, सुने और भुला दिए जाने लगें, तो यह पूरे समाज के लिए खतरे की घंटी है. Taapsee Pannu मंगलवार को अपनी आगामी इन्वेस्टिगेटिव कोर्टरूम ड्रामा फिल्म ‘अस्सी’ के प्रमोशन के सिलसिले में जयपुर पहुंचीं. (Jaipur Press Meet) जवाहर सर्किल स्थित ईपी मिराज सिनेमा में आयोजित प्रेस बातचीत के दौरान उन्होंने मीडिया से समाज में बढ़ते यौन अपराध, बच्चों की परवरिश, संवेदनहीन होती सोच और जिम्मेदारी जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर संवाद किया.
हर दिन 80 रेप केस. लेकिन समाज अब पर्सनल नहीं हो रहा
(Indian Social Issues) तापसी पन्नू ने कहा कि देश में प्रतिदिन औसतन करीब 80 रेप केस सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद समाज का रवैया बेहद उदासीन होता जा रहा है. उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली से हूं. रोज रेप से जुड़ी खबरें पढ़ने को मिलती हैं. इन्हें पढ़-पढ़कर लोगों ने रेप को नॉर्मलाइज कर लिया है. जैसे चोरी होती है, वैसे ही इसे भी देख लिया जाता है. यह मुझे बहुत गुस्सा और दुख देता है.”
उन्होंने कहा कि जब तक समाज इन घटनाओं को व्यक्तिगत रूप से महसूस नहीं करेगा, तब तक बदलाव संभव नहीं है. यह सिर्फ किसी और की बेटी, बहन या परिवार का मामला मानकर आगे बढ़ जाने की प्रवृत्ति बेहद खतरनाक है.
10 से 13 साल के बच्चे अपराध करें, तो यह ‘डबल शॉक’ है
(Sexual Violence Awareness) तापसी ने हाल ही में सामने आई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने 6 साल की बच्ची के साथ रेप की खबर पढ़ी और पता चला कि आरोपित 10 से 13 साल के बच्चे हैं, तो उन्हें “डबल धक्का” लगा. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सवाल सिर्फ अपराध का नहीं, बल्कि परवरिश, माहौल और सोच का होता है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर रेप केस में 10 साल का बच्चा गुनहगार है, तो इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं. बच्चे गलत दिशा में गए हैं, तो हम कुछ तो गलत कर रहे हैं. इसे बदलने की जरूरत है.”
‘अस्सी’ सिर्फ अपराध नहीं, समाज से सवाल पूछने वाली फिल्म
इसी दौरान तापसी पन्नू ने जयपुर में निर्देशक अनुभव सिन्हा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘अस्सी’ का ट्रेलर लॉन्च कर ऑन-ग्राउंड प्रमोशन की शुरुआत की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों, डिजिटल क्रिएटर्स और प्रशंसकों के साथ उन्होंने बड़े पर्दे पर ट्रेलर देखा और फिल्म के विषय पर विस्तार से बात की.
तापसी ने कहा कि अस्सी को इस नजर से न देखा जाए कि अपराधी कौन है, बल्कि इस सवाल के साथ देखा जाए कि ऐसा क्यों हो रहा है. उन्होंने दर्शकों से अपील की कि फिल्म देखते समय वे खुद जज बनें और यह तय करें कि उनका जस्टिस क्या है. यह एक अलग तरह की फिल्म है, जो दर्शकों को सोचने और आत्ममंथन करने के लिए मजबूर करेगी.
गलती परवरिश में हो रही है. शुरुआत घर से करनी होगी
तापसी पन्नू ने कहा कि समाज में हो रहे बदलावों का सीधा असर बच्चों पर पड़ रहा है. हम बच्चों को गलत तरीके से बड़ा कर रहे हैं और कहीं न कहीं यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि बदलाव की शुरुआत घर से करनी होगी.
उन्होंने खासतौर पर लड़कों की परवरिश पर जोर देते हुए कहा कि अपने घर के लड़कों से शुरुआत करनी होगी. उन्हें यह सिखाना होगा कि कौन सी विचारधारा अपनानी है, समाज में कैसे रहना है और कैसे यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के साथ ऐसा गलत काम न कर सके.
20 फरवरी 2026 को रिलीज होगी अस्सी
यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे से प्रेरित ‘अस्सी’ को एक हार्ड-हिटिंग और प्रासंगिक कोर्टरूम ड्रामा के रूप में पेश किया जा रहा है. फिल्म 20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. तापसी पन्नू का मानना है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने और संवाद शुरू करने का माध्यम बनेगी.