जयपुर में कला-संस्कृति की रंगत: फिल्म, सरोद, कला रेजिडेंसी और कविता संवाद से सजी रचनात्मक शाम

जयपुर में कला, संगीत और साहित्य का अनूठा संगम

जयपुर में कला-संस्कृति की रंगत: फिल्म, सरोद, कला रेजिडेंसी और कविता संवाद से सजी रचनात्मक शाम

Ananya soch:Jaipur cultural events

अनन्य सोच। Amjad Ali Khan Jaipur concert: जयपुर में शनिवार को कला, संगीत, सिनेमा और साहित्य के विविध रंग देखने को मिले। शहर के विभिन्न सांस्कृतिक स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों ने दर्शकों और कला प्रेमियों को एक समृद्ध रचनात्मक अनुभव प्रदान किया। Rajasthan International Centre में आयरिश डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग और सरोद वादन की यादगार प्रस्तुति हुई, जबकि कला और साहित्य से जुड़े अन्य आयोजनों ने भी शहर की सांस्कृतिक जीवंतता को नई ऊर्जा दी। 

आयरिश डॉक्यूमेंट्री की विशेष स्क्रीनिंग

आरआईसी के मिनी ऑडी–2 में आयरलैंड की चर्चित डॉक्यूमेंट्री From That Small Island की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई। इस महत्वाकांक्षी फीचर डॉक्यूमेंट्री में आयरलैंड के इतिहास, प्रवासन और सांस्कृतिक पहचान की यात्रा को शुरुआती निवासियों से लेकर आधुनिक समय तक दर्शाया गया है। फिल्म की विशेषता यह भी रही कि इसकी नैरेशन प्रसिद्ध अभिनेता Colin Farrell की आवाज़ में है, जबकि संगीतकार Colm Mac Con Iomaire का मौलिक संगीत फिल्म की भावनात्मक गहराई को और प्रभावशाली बनाता है। डॉक्यूमेंट्री में यह तथ्य भी सामने आता है कि जहां आयरलैंड द्वीप पर लगभग 60 लाख लोग रहते हैं, वहीं दुनिया भर में 8 करोड़ से अधिक लोग स्वयं को आयरिश मूल का मानते हैं। 

सरोद के सुरों में डूबी संगीतमय शाम

आरआईसी के मुख्य सभागार में “अनहद” संगीत श्रृंखला के अंतर्गत पद्मविभूषण सरोद वादक Ustad Amjad Ali Khan ने कई वर्षों बाद जयपुर में प्रस्तुति दी। उन्होंने बेहद भावपूर्ण शैली में राग श्यामा गौरी की प्रस्तुति देकर सभागार को सुरों की आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। प्रस्तुति की शुरुआत गुरु वंदना से हुई और धीरे-धीरे राग की गहराई श्रोताओं तक पहुंचती गई। तबले पर Rohan Bose और Zuheb Khan की संगत ने सरोद और तबले के बीच शानदार सवाल-जवाब का वातावरण बनाया, जिसे श्रोताओं ने बार-बार तालियों से सराहा। उस्ताद अमजद अली खान ने इस अवसर पर कहा कि तेज़ी से बदलती दुनिया में कलाकारों को भी समय के साथ अपनी प्रस्तुतियों को ढालना होगा। उन्होंने संगीत को ईश्वर की उपासना का सशक्त माध्यम बताते हुए बच्चों को प्रारंभ से ही संगीत से जोड़ने पर जोर दिया। 

Traditions in Transition’ कला रेजिडेंसी की शुरुआत

जयपुर में समकालीन और पारंपरिक कला के संवाद को नया आयाम देने के लिए ‘Traditions in Transition’ शीर्षक से राष्ट्रीय बहुविषयी कला रेजिडेंसी शुरू हुई। यह आयोजन Kalaneri Art Centre और आयाम रेजिडेंसी के सहयोग से Kalaneri Art Gallery में 14 से 19 मार्च तक आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम की क्यूरेटर Soumya Vijay Sharma के अनुसार इस रेजिडेंसी में देशभर के कलाकार पारंपरिक कला-भाषाओं को समकालीन दृष्टिकोण से पुनः व्याख्यायित करेंगे।कार्यक्रम के दौरान प्रिंट मेकिंग, टेक्सटाइल आर्ट और गुजरात की ऐतिहासिक लोक कला माता ने पाछेड़ी पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। 

कविता संग्रह पर रोचक साहित्यिक संवाद

जयपुर के Jai Club में वर्ल्ड ऑफ वर्ड्स द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पब्लिसिस्ट और कवि Jagdeep Singh के काव्य संकलन “When Gods Don’t Matter पर चर्चा हुई। लेखक ने संवाद के दौरान युवा कवियों को ईमानदारी और निर्भीकता से लिखने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि कविता व्यक्तिगत अनुभवों, प्रेम, सामाजिक यथार्थ और जीवन के उतार-चढ़ाव को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।दिल्ली के हवाकाल पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित इस संग्रह में 50 फ्री-वर्स कविताएं शामिल हैं, जो चार वर्षों की अवधि में लिखी गई हैं। 

कार्यक्रम स्थान मुख्य आकर्षण तारीख
डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग Rajasthan International Centre From That Small Island 14 मार्च
सरोद संगीत संध्या RIC मुख्य सभागार उस्ताद अमजद अली खान 14 मार्च
कला रेजिडेंसी Kalaneri Art Gallery Traditions in Transition 14–19 मार्च
कविता चर्चा Jai Club When Gods Don’t Matter 14