Jaipur में 'अनकही दास्तान' की महफिल: Rajeev Bhatt ने Classical Ragas में पिरोए गीत और ग़ज़ल
स्वरमय संस्था के 'अनकही दास्तान' कार्यक्रम में Rajeev Bhatt ने Pilu, Kirwani, Bageshri, Yaman और Khamaj रागों में गीत-ग़ज़ल पेश किए। जयपुर के RIC में सजी Music Concert की पूरी रिपोर्ट।
अनन्य सोच । स्वरमय संस्था की ओर से शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) के मिनी ऑडिटोरियम द्वितीय में संगीतज्ञ राजीव भट्ट की संगीत यात्रा पर आधारित कार्यक्रम 'अनकही दास्तान' का आयोजन हुआ। इस Music Concert में राजीव भट्ट ने कई शायरों और गीतकारों की रचनाओं को Classical Ragas में स्वरबद्ध कर प्रस्तुत किया। श्रोताओं ने हर प्रस्तुति पर तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
रागों पर आधारित गीत और ग़ज़ल
कार्यक्रम में जिया कादरी की 'आवाज पा ने आपकी चौंका दिया मुझे' राग किरवानी में सुनाई गई। प्रोमिला राजीव की 'दिल तोड़ना इक अदा हो गई' रागेश्री और बागेश्री के मिश्रण में पेश हुई, जबकि 'मेरी आंखों में है एक सपना' राग पीलू में प्रस्तुत की गई।
अमीर मीनाई की 'सरकती जाए है रुख से नकाब' राग खमाज में, 'तू अगर दिल में एक बार आए' राग पीलू में और 'वो दिल ही क्या' राग यमन पर आधारित रही। इसके अलावा काफिल अजर की 'बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी', निदा फाजली की 'होश वालों को खबर क्या' और फैज अहमद फैज की 'दिल में अब यूं तेरे भूले हुए गम आते हैं' सहित अन्य Ghazal और गीत भी सुनाए गए।
संगतकारों का सधा साथ
राजीव भट्ट के साथ गिटार पर संजय माथुर और पवन बालोदिया, की बोर्ड पर कपिल बालोदिया, वायलिन पर गुलजार हुसैन, तबले पर मेहराज हुसैन, ढोलक पर महेंद्र शर्मा तथा ऑक्टोपैड पर गोपी कुमार ने संगत की। कार्यक्रम का संचालन स्वरमय संस्था की रेखा भट्ट ने किया।
अतिथि कलाकारों से सजी महफिल
इस मौके पर ग्रेमी अवार्ड विजेता पद्मभूषण पं. विश्व मोहन भट्ट, तंत्री सम्राट पं. सलिल भट्ट और तबला वादक पं. हिमांशु महंत सहित जयपुर के कई नामी कलाकार मौजूद रहे। उन्होंने राजीव भट्ट की गायकी का आनंद लिया और प्रस्तुतियों की सराहना की।