Kimberley Process Plenary से पहले भारत ने लुआंडा में बढ़ाया Global Diamond Industry का एजेंडा
Kimberley Process Plenary से पहले भारत ने अंगोला के लुआंडा में परामर्श बैठक की। ADPA के साथ GJEPC का MoU मंजूर हुआ। नई दिल्ली में 30 नवंबर से Plenary होगा।
अनन्य सोच । Kimberley Process (KP) के 2026 के अध्यक्ष के रूप में भारत ने 3 नवंबर को अंगोला के लुआंडा में परामर्श बैठक की। KP चेयर और वाणिज्य विभाग के अपर सचिव यशवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वर्किंग बॉडीज के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, KP के उपाध्यक्ष घाना और पूर्व अध्यक्ष UAE शामिल हुए। यह पहल 30 नवंबर से 4 दिसंबर तक नई दिल्ली में होने वाले KP Plenary से पहले की तैयारी का हिस्सा है।
Responsible Sourcing और Compliance पर चर्चा
बैठक में कच्चे हीरों की Responsible Sourcing, संस्थागत प्रशासन, नियमों के पालन और उपभोक्ता भरोसे जैसे विषय उठे। केपी सचिवालय के लिए स्थायी फंडिंग, प्रमाणन और सांख्यिकीय प्रक्रियाओं के Digitalization और 'Conflict Diamond' की परिभाषा में सुधार पर भी विचार साझा हुए। यशवीर सिंह ने कहा कि भारत की अध्यक्षता 'विश्वास, अनुपालन और विश्वसनीयता' पर केंद्रित है और लक्ष्य Plenary से पहले साझा समझ बनाना है।
ADPA@20 में भारत की भागीदारी
यशवीर सिंह ने 4 नवंबर को African Diamond Producers Association (ADPA) की 20वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने भारत के '3C' विजन, यानी Confidence, Compliance और Credibility का जिक्र करते हुए प्राकृतिक हीरों में उपभोक्ता भरोसे पर जोर दिया। ADPA में भारत के पास 'पर्यवेक्षक' का दर्जा है। संगठन के 15 सक्रिय सदस्य देश वैश्विक हीरा उत्पादन का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पैदा करते हैं। इसी दौरान बोत्सवाना को भी ADPA का पर्यवेक्षक सदस्य बनाया गया।
GJEPC और ADPA के बीच MoU
ADPA मंत्रिपरिषद की 13वीं असाधारण बैठक में Gem and Jewellery Export Promotion Council (GJEPC) और ADPA के बीच MoU को मंजूरी मिली। इसका उद्देश्य हीरा छंटाई, मूल्यांकन और विनिर्माण में Skill Development, तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और व्यापार-निवेश संबंधों को बढ़ावा देना है।
नई दिल्ली में KP Plenary की तैयारी
KP Plenary भारत मंडपम में 30 नवंबर से 4 दिसंबर 2026 तक होगा। इससे पहले 29 नवंबर को 'न्यू दिल्ली डायमंड डायलॉग' (KP फोरम) आयोजित होगा। भारत तीसरी बार Plenary की मेजबानी करेगा। KPCS में अभी 60 प्रतिभागी हैं, जो 86 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत ने 1 जनवरी 2026 को अध्यक्षता संभाली थी।