अब फर्जी हाजिरी पर लगेगी लगाम! NMMS App में आया Face Authentication का नया सुरक्षा कवच

ग्रामीण मजदूरों की हाजिरी में गड़बड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने NMMS App का उन्नत वर्जन जारी किया है। IIT Madras की तकनीक, AI Verification और Offline Attendance जैसी सुविधाओं से लैस यह सिस्टम फर्जीवाड़े पर शिकंजा कसेगा। वहीं, Farmer ID के मामले में भी देश बड़ी उपलब्धि के करीब पहुंच गया है।

Oct 24, 2026 - 16:04
Oct 24, 2026 - 22:35
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अब फर्जी हाजिरी पर लगेगी लगाम! NMMS App में आया Face Authentication का नया सुरक्षा कवच

अनन्य सोच । ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं के तहत फर्जी हाजिरी और सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 अक्टूबर 2026 को VB-G RAM G योजना के तहत National Mobile Monitoring System (NMMS) App का उन्नत सुरक्षा संस्करण जारी किया। सरकार का दावा है कि नई तकनीक से वास्तविक मजदूरों की पहचान मजबूत होगी और गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई आसान होगी।

 AI और Face Authentication से पकड़ा जाएगा फर्जीवाड़ा

मंत्रालय के अनुसार, नए NMMS App में Face Authentication, Liveness Detection और Google Play Integrity जैसी सुरक्षा सुविधाएं शामिल की गई हैं। IIT Madras के तकनीकी सहयोग से तैयार इस संस्करण में ऐप की क्लोनिंग, छेड़छाड़ और फर्जी तस्वीरों के इस्तेमाल को रोकने पर जोर दिया गया है।

इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हाजिरी दर्ज करते समय वास्तविक श्रमिक ही मौजूद हो। AI आधारित Photo De-duplication सिस्टम संदिग्ध और बार-बार इस्तेमाल की गई तस्वीरों की पहचान करने में भी मदद करेगा।

 नेटवर्क नहीं तो भी दर्ज होगी मजदूरों की हाजिरी

नई व्यवस्था में तकनीक के साथ मजदूरों की परेशानी का भी ध्यान रखा गया है। नेटवर्क नहीं होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत Offline Attendance दर्ज की जा सकेगी। मस्टर रोल बंद होने के बाद नेटवर्क उपलब्ध होने पर डेटा अपलोड किया जा सकेगा।

बुजुर्गों, दिव्यांग श्रमिकों या तकनीकी समस्या के कारण Face Authentication में परेशानी आने पर अधिकृत Exception Mechanism के जरिए राहत का प्रावधान भी है।

 46 करोड़ मानवदिवस, 2.89 करोड़ परिवारों को रोजगार

शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, योजना के तहत 2.41 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में 31.23 लाख कार्यस्थलों पर काम हुआ है। अब तक 2.89 करोड़ ग्रामीण परिवारों के 3.65 करोड़ से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिला है और करीब 46 करोड़ मानवदिवस सृजित हुए हैं।

सरकार ने AI जांच, Electronic Measurement Book (e-MB), Direct Benefit Transfer (DBT), Social Audit और औचक निरीक्षण के जरिए निगरानी मजबूत करने की बात कही है।

Farmer ID में भी बड़ी उपलब्धि

किसानों के लिए भी बड़ी खबर है। सरकार के अनुसार, देश में अब तक 10.99 करोड़ से अधिक Farmer ID बनाई जा चुकी हैं। दिसंबर 2027 तक 11 करोड़ Farmer ID बनाने का लक्ष्य रखा गया था। यानी अब लक्ष्य पूरा करने के लिए महज करीब 30 हजार आईडी बनना बाकी है।

सरकार का कहना है कि Farmer ID से किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और कृषि सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।

अब सबसे अहम सवाल यह है कि नई डिजिटल निगरानी व्यवस्था जमीन पर फर्जी हाजिरी रोकने में कितनी कारगर साबित होती है। इसका असर मजदूरों के भुगतान और ग्रामीण रोजगार योजनाओं की पारदर्शिता पर भी नजर आएगा।