Parali Management पर केंद्र सख्त: शिवराज सिंह चौहान और भूपेंद्र यादव ने की Inter-Ministerial Review, राज्यों को युद्ध स्तर पर काम के निर्देश
दिल्ली के कृषि भवन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भूपेंद्र यादव ने Stubble Management की समीक्षा की। राज्यों को पराली जलाने की रोकथाम के लिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए गए।
अनन्य सोच । धान कटाई के मौजूदा सीजन में पराली (फसल अवशेष) प्रबंधन को मिशन मोड में लागू करने के लिए मंगलवार को कृषि भवन में उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने की।
राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री, केंद्रीय कृषि सचिव अतीश चंद्रा और पर्यावरण सचिव नरेंद्र भूषण सहित केंद्र व राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
"अब समय बहुत कम", जमीन पर उतरने के निर्देश
दोनों मंत्रियों ने कहा कि फसल कटाई और रबी बुवाई के बीच बहुत कम समय बचा है, इसलिए प्रशासनिक अमले को फाइलों से निकलकर जमीन पर युद्ध स्तर पर काम करना होगा। जिला स्तर पर कलेक्टर्स की त्वरित बैठकें कर सख्त निगरानी और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
Farmer Income और Soil Health पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पराली समस्या नहीं, बल्कि किसान की आय और मिट्टी की सेहत का समाधान बन सकती है। उन्होंने मिट्टी बचाने के साथ किसान को समृद्ध बनाने की बात कही। बैठक में पराली को बिजली, बायो-सीएनजी और खाद में बदलने का रोडमैप तैयार करने का भी जिक्र हुआ। मशीनों के उपयोग पर उन्होंने कहा कि मशीनें खेत में चलें, कागजों में नहीं, पुरानी मशीनों की मरम्मत हो और छोटे किसानों को रियायती दर पर मशीनें उपलब्ध कराई जाएं।
पंजाब से Utilization Certificate की अपेक्षा
चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार राज्यों को हरसंभव आर्थिक सहयोग दे रही है। उन्होंने पंजाब से उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) शीघ्र भेजने को कहा, ताकि अगली किस्त जारी की जा सके।