Prithviraj Kapoor Jayanti 2026: 120वीं जयंती पर याद किए गए Indian Cinema और Theatre के पितामह
Prithviraj Kapoor की जयंती पर जानें Alam Ara से Mughal-e-Azam तक का सफर, Prithvi Theatres की स्थापना और Padma Bhushan व Dadasaheb Phalke Award से सम्मान की कहानी।
अनन्य सोच । भारतीय सिनेमा के महानायक पृथ्वीराज कपूर को उनकी जयंती पर देशभर में याद किया जा रहा है। 3 नवंबर 1906 को जन्मे इस कलाकार की यह 120वीं जयंती है। दमदार अभिनय और प्रभावशाली व्यक्तित्व से उन्होंने Indian Cinema के इतिहास को नई दिशा दी।
मूक फिल्मों से बोलती फिल्मों तक का सफर
पृथ्वीराज कपूर ने Silent Cinema से लेकर बोलती फिल्मों के दौर तक का सफर तय किया। उन्होंने 'आलम आरा', 'विद्यापति', 'सिकंदर' और 'मुग़ल-ए-आज़म' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। 'मुग़ल-ए-आज़म' में बादशाह अकबर का उनका किरदार आज भी Hindi Cinema की सबसे बड़ी भूमिकाओं में गिना जाता है।
Prithvi Theatres से रंगमंच को नई दिशा
साल 1944 में उन्होंने Prithvi Theatres की स्थापना की और भारतीय Theatre को नई पहचान दी। उनके नाटकों ने इतिहास, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को आम लोगों तक पहुंचाया।
सम्मान और विरासत
पृथ्वीराज कपूर को Padma Bhushan और Dadasaheb Phalke Award से सम्मानित किया गया। उनकी कला आज भी भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अनमोल हिस्सा है।