CVI 2026: जयपुर में बच्चों की दृष्टि समस्याओं की समय पर पहचान और Rehabilitation पर संगोष्ठी

जयपुर में दिशा फाउंडेशन और साइट फर्स्ट फाउंडेशन ने 'CVI 2026' संगोष्ठी में बच्चों की Cerebral Visual Impairment की पहचान और पुनर्वास पर चर्चा की।

Nov 1, 2026 - 13:22
Nov 1, 2026 - 13:23
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CVI 2026: जयपुर में बच्चों की दृष्टि समस्याओं की समय पर पहचान और Rehabilitation पर संगोष्ठी

अनन्य सोच । बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और पुनर्वास के लिए जयपुर में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। दिशा फाउंडेशन और साइट फर्स्ट फाउंडेशन की संयुक्त पहल पर शनिवार को दिशा स्थित Visual Rehabilitation Center में 'CVI 2026 – फ्रॉम ब्रेन टू विज़न' विषय पर कार्यक्रम हुआ। इसमें Cerebral Visual Impairment (CVI) यानी मस्तिष्क से जुड़ी दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान, जांच और पुनर्वास पर विशेषज्ञों ने चर्चा की।

सिर्फ आंखों की जांच काफी नहीं

वरिष्ठ बाल न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. एस. सीतारामन और वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. उषा ए. जोहरी मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने बताया कि कई बार बच्चे की आंखें सामान्य होने के बावजूद मस्तिष्क को देखी गई चीजों को समझने और पहचानने में कठिनाई होती है। ऐसे मामलों में केवल सामान्य Eye Check-up पर्याप्त नहीं है, बल्कि Functional Vision Assessment यानी कार्यात्मक दृष्टि का आकलन भी जरूरी है।

संस्थाओं की भूमिका

दिशा फाउंडेशन की निदेशक प्रशासन डॉ. भारती खुंटेटा ने संस्था की सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था वर्ष 1995 से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, थेरेपी और पुनर्वास के क्षेत्र में कार्य कर रही है। साइट फर्स्ट फाउंडेशन के ऑप्टोमेट्रिस्ट अभिनव मेहरवाल ने कार्यात्मक दृष्टि जांच और Neuro-Visual Rehabilitation के महत्व पर प्रकाश डाला।

सेंटर भ्रमण और Live Clinical Case

संगोष्ठी के दौरान प्रतिभागियों को सेंटर का भ्रमण कराया गया। उन्हें CVI से प्रभावित बच्चों की चुनौतियों, जांच प्रक्रिया और पुनर्वास की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने लाइव क्लिनिकल केस के माध्यम से मस्तिष्क की चोट के बाद दृष्टि क्षमताओं के आकलन और पुनर्वास की प्रक्रिया भी समझाई।

बेहतर समन्वय पर जोर

कार्यक्रम में न्यूरोलॉजी, बाल रोग, नेत्र चिकित्सा, ऑप्टोमेट्री और थेरेपी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने संयुक्त चर्चा में भाग लिया। इसमें Early Detection, समय पर रेफरल और विभिन्न विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। साथ ही साइट फर्स्ट के लाभार्थियों ने अपने अनुभव और पुनर्वास से आए सकारात्मक बदलाव भी साझा किए।