The Palace School की Silver Jubilee 'गुलाबी रजत': Jaipur की Heritage, Art और भविष्य की दिखी झलक

जयपुर के द पैलेस स्कूल की Silver Jubilee पर 'गुलाबी रजत' समारोह शुरू हुआ। प्रिंसेस गौरवी कुमारी ने उद्घाटन किया। Heritage exhibitions, workshops और Jaipur 300 की झलक दिखी।

Oct 30, 2026 - 19:47
Oct 30, 2026 - 20:39
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The Palace School की Silver Jubilee 'गुलाबी रजत': Jaipur की Heritage, Art और भविष्य की दिखी झलक

अनन्य सोच । जयपुर के द पैलेस स्कूल ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर तीन दिवसीय Silver Jubilee समारोह 'गुलाबी रजत' की शुरुआत की। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में शहर के इतिहास, कला और विरासत को exhibitions, workshops और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए पेश किया जा रहा है। समारोह में स्कूल की 25 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा के साथ वर्ष 2027 में जयपुर के 300 वर्ष पूरे होने का उत्सव भी जुड़ा है।

Princess Gauravi Kumari ने किया उद्घाटन

समारोह का उद्घाटन प्रिंसेस गौरवी कुमारी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस मौके पर महाराज नरेन्द्र सिंह, स्कूल की प्रिंसिपल उर्वशी वॉरमैन और सिटी पैलेस म्यूजियम की एग्जीक्यूटिव ट्रस्टी रमा दत्त सहित कई गणमान्य मौजूद रहे। गौरवी कुमारी ने कहा कि जयपुर के 300 वर्ष पूरे होने के साथ स्कूल के 25 वर्ष पूरे होना उनके लिए खास है, क्योंकि वे और उनके दोनों भाई इसी स्कूल के विद्यार्थी रहे हैं। उन्होंने बच्चों की मेहनत और उत्साह की सराहना की। स्कूल की स्थापना वर्ष 2001 में प्रिंसेस दिया कुमारी ने की थी।

Heritage Exhibition में क्या खास

'सवाई दरबार' में जयपुर के पांच शासकों के योगदान को दर्शाया गया है, जबकि 'जयपुर के झरोखे' में शहर के कम चर्चित ऐतिहासिक तथ्य रखे गए हैं। 'पोथीखाना' में विद्यार्थियों ने 'लिविंग बुक्स' बनकर लोककथाएं और किंवदंतियां सुनाईं। 'थ्रू द परकोटा' में गुमनाम कारीगरों के योगदान को रेखांकित किया गया है। 'हुनर री चौपाल' में गोटा-पत्ती, ब्लॉक प्रिंटिंग, हिना और मांडना जैसी पारंपरिक कलाओं की गतिविधियां हुईं। 'जयपुर कल, आज और कल' में पुराने छायाचित्रों के साथ 300 वर्ष बाद के जयपुर की कल्पना पेश की गई। विद्यार्थियों ने जंतर-मंतर के यंत्रों के पीछे का विज्ञान भी समझाया।

1 नवंबर को Cultural Programme और Sustainable Fashion Walk

रविवार, 1 नवंबर को कमल बुर्ज के लॉन में ध्रुपद गायन, गोविंद देवजी के जयपुर आगमन पर आधारित नृत्य-नाटिका और फ्यूजन डांस होगा। मुख्य आकर्षण 'सस्टेनेबल 36 कारखाना कोट्योर वॉक' रहेगा, जिसमें रिसाइकिल और अपसाइकिल सामग्री से बने परिधान दिखाए जाएंगे। यह प्रस्तुति प्रिंसेस दिया कुमारी फाउंडेशन और जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के डिजाइन विद्यार्थियों के सहयोग से तैयार हुई है।