जयपुर में Jayshree Periwal Global School का 8th Annual Function, '1947: Adhura Aman' थीम पर हुई भावपूर्ण प्रस्तुतियां
जयपुर के जयश्री पेड़ीवाल ग्लोबल स्कूल का 8वां Annual Function '1947: अधूरा अमन' थीम पर मना। स्कूल की Silver Jubilee, थीम डांस और नाटक की पूरी खबर पढ़ें।
अनन्य सोच । जयश्री पेड़ीवाल ग्लोबल स्कूल का 8वां Annual Function विद्यालय प्रांगण में उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष समारोह की मुख्य थीम '1947: अधूरा अमन' रही, जिसने पूरे आयोजन को स्वतंत्रता संग्राम, विभाजन की त्रासदी और देशप्रेम के रंगों से जोड़ दिया। बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य अतिथि और शिक्षाविद कार्यक्रम के साक्षी बने। इस वर्ष जयश्री पेड़ीवाल ग्रुप ऑफ स्कूल की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर Silver Jubilee (रजत जयंती) भी मनाई गई।
Orchestra की प्रस्तुति से शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत 'जेपीआईट्स इन सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा' की संगीतमय प्रस्तुति से हुई। इसके बाद हेड बॉय और हेड गर्ल ने स्वागत भाषण में अतिथियों का अभिनंदन किया और स्कूल की 25 वर्षों की यात्रा और उपलब्धियों को रेखांकित किया। विद्यालय के सीईओ आयुष पेड़ीवाल ने विद्यार्थियों को अनुशासन, कड़ी मेहनत और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया। Student Council के प्रतिनिधियों ने 'स्कूल रिपोर्ट' में शिक्षा, खेलकूद और सह-शैक्षणिक क्षेत्रों में स्कूल की प्रगति और उपलब्धियों का ब्यौरा रखा।
Theme Dance और नाट्य प्रस्तुतियां
समारोह का मुख्य आकर्षण 1947 की थीम पर आधारित Theme Dance और नाट्य प्रस्तुतियां रहीं। विद्यार्थियों ने 'दिल है छोटा सा', 'फिर से उड़ चला', 'आशाएं' और 'लो ठान लिया' जैसे गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। नाटक और नृत्य के समन्वय के जरिए स्वतंत्रता संग्राम, शहीदों के बलिदान और विभाजन के दर्द को मंच पर उतारा गया। 'उरी', 'रंग दे बसंती', 'गांधी' और 'मिले सुर' जैसी देशभक्ति प्रस्तुतियों पर पूरा प्रांगण 'भारत माता की जय' के जयघोष से गूंज उठा।
Award Ceremony और संबोधन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद प्रतिभावान विद्यार्थियों को वर्ष भर की उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। संस्थापिका चेयरपर्सन डॉ. जयश्री पेड़ीवाल ने 25 वर्षों की यात्रा में शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के योगदान की सराहना की और बच्चों को शिक्षा के साथ नैतिक मूल्य अपनाने की सलाह दी। विद्यालय प्रमुख मंजू खोसला ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की प्रशंसा की। धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।