जयपुर डेयरी की 'सरस मोबाइल लैब': 24 मानकों पर जांची जा रही दूध की शुद्धता, 612 समितियों में सरप्राइज चेकिंग

जयपुर डेयरी की Saras Mobile Lab FTIR तकनीक से एक ही टेस्ट में दूध के 24 मानकों की जांच कर रही है। अब तक 612 दुग्ध समितियों में सरप्राइज चेकिंग हो चुकी है।

Nov 3, 2026 - 22:31
Nov 3, 2026 - 22:46
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जयपुर डेयरी की 'सरस मोबाइल लैब': 24 मानकों पर जांची जा रही दूध की शुद्धता, 612 समितियों में सरप्राइज चेकिंग

अनन्य सोच । दूध में मिलावट रोकने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) ने "सरस चल (मोबाइल) प्रयोगशाला" की शुरुआत की है। यह Mobile Lab सीधे ग्रामीण क्षेत्रों की दुग्ध सहकारी समितियों तक पहुंचकर मौके पर ही दूध के नमूनों की जांच कर रही है। डेयरी का उद्देश्य दुग्ध गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है।

FTIR तकनीक से एक टेस्ट में 24 जांच

पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस प्रयोगशाला की सबसे बड़ी खासियत इसमें लगी अत्याधुनिक मशीन है। डेनमार्क से आयातित यह मशीन FTIR (Fourier Transform Infrared) तकनीक पर आधारित है। मंत्री के अनुसार, यह मशीन एक ही टेस्ट में दूध के 24 अलग-अलग मानकों की जांच कर लेती है।

फैट, SNF, प्रोटीन और मिलावट की रिपोर्ट

इस जांच में फैट, SNF, प्रोटीन और लैक्टोज जैसे Milk Quality Parameters शामिल हैं। साथ ही दूध में संभावित मिलावट की रिपोर्ट भी सामने आ जाती है। कुमावत ने इसे शत-प्रतिशत सटीक बताया है।

बिना सूचना पहुंचती है लैब

यह चलती-फिरती प्रयोगशाला बिना पूर्व सूचना के सीधे दुग्ध समितियों पर पहुंचती है। अब तक जयपुर डेयरी क्षेत्र की करीब 612 दुग्ध सहकारी समितियों में सरप्राइज चेकिंग की जा चुकी है। मंत्री का कहना है कि इस सख्ती से मिलावट करने वाले तत्वों पर प्रभावी लगाम लगी है।

किसानों और उपभोक्ताओं को फायदा

कुमावत ने कहा कि मौके पर जांच होने से किसानों को उनके दूध की वास्तविक गुणवत्ता के आधार पर सही और पूरा भुगतान सुनिश्चित हो रहा है। उनके अनुसार, मिलावट पर नियंत्रण से शहरी उपभोक्ताओं तक शुद्ध और सुरक्षित दुग्ध उत्पाद पहुंच रहे हैं। उन्होंने इस व्यवस्था को पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने वाला कदम बताया।