सतना–देवेंद्रनगर और रीवा–चुरहट Railway Line देश को समर्पित, सीधी जिले को पहली बार मिला Rail Connectivity का तोहफा
सतना–देवेंद्रनगर और रीवा–चुरहट रेलखंड का उद्घाटन हुआ। 1943 करोड़ की लागत से बनी इन Railway Lines से सीधी जिले को पहली बार रेल संपर्क मिला।
अनन्य सोच । मध्य प्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में Railway Connectivity को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सतना–देवेंद्रनगर (53 किमी) और रीवा–चुरहट (65 किमी) रेलखंडों का उद्घाटन कर इन्हें देश को समर्पित किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल माध्यम (VC) से जुड़े, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी अवसर पर देवेंद्रनगर–चुरहट नई Passenger Train Service को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम चुरहट और नागौद रेलवे स्टेशनों पर आयोजित हुए। इनमें उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित सांसद और कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सीधी जिले के लिए यह ऐतिहासिक क्षण रहा, क्योंकि पहली बार यहां के लोगों को सीधे रेल संपर्क का लाभ मिलेगा।
1943 करोड़ की लागत से बढ़ी Rail Connectivity
रीवा–चुरहट रेलखंड पर करीब 1070 करोड़ रुपए और सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड पर 873 करोड़ रुपए खर्च हुए। यानी दोनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर लगभग 1943 करोड़ रुपए की लागत आई। ये दोनों रेलखंड Lalitpur–Singrauli Rail Project के अंतर्गत विकसित किए गए हैं।
नई रेल सुविधा से विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। अब उन्हें शहरों तक पहुंचने के लिए सस्ता और सुगम साधन उपलब्ध होगा। किसानों के लिए भी बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही सीमेंट, क्लिंकर और खनिजों के परिवहन यानी Freight Movement को भी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगी गति
रेल मंत्री के अनुसार, मध्य प्रदेश में करीब 1 लाख करोड़ रुपए की Railway Projects पर काम जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 541 किमी लंबी ललितपुर–सिंगरौली परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
बेहतर कनेक्टिविटी से पन्ना, खजुराहो, रीवा, मुकुंदपुर, चचाई और बहुती जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा। इससे Tourism को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय व्यापार का दायरा बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
क्षेत्र के विकास की नई उम्मीद
विंध्य क्षेत्र के लोग लंबे समय से बेहतर रेल सुविधा की मांग कर रहे थे। इन नए रेलखंडों के शुरू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है। ललितपुर–सिंगरौली परियोजना के आगे बढ़ने के साथ क्षेत्र में Infrastructure Development का नया दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।