DMIC के तहत JPMIA में तेज़ विकास: रोहट में रेलवे साइडिंग की मंजूरी, 30 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन शुरू

DMIC परियोजना के तहत Jodhpur-Pali-Marwar Industrial Area (JPMIA) में रेलवे साइडिंग की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली। 30 Industrial Plots का आवंटन शुरू, आवेदन 31 अक्टूबर तक।

Oct 26, 2026 - 18:43
Oct 26, 2026 - 18:46
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DMIC के तहत JPMIA में तेज़ विकास: रोहट में रेलवे साइडिंग की मंजूरी, 30 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन शुरू

अनन्य सोच । राजस्थान में दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) परियोजना के तहत विकसित हो रहे जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (JPMIA) में कई अहम उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (रिडको) पाली जिले के रोहट में JPMIA-SIR की एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप विकसित कर रहा है।

Multi Modal Logistics Hub के लिए रेलवे साइडिंग को मंजूरी

टाउनशिप में 288 हेक्टेयर में बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (MMLH) के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने रोहट स्टेशन (लूणी-मारवाड़ जंक्शन खंड) से रेलवे साइडिंग की सैद्धांतिक स्वीकृति (In-Principle Approval) दी है। यह स्वीकृति तकनीकी व्यवहार्यता की जाँच के बाद गति शक्ति कार्गो टर्मिनल नीति के तहत मिली है। इससे टाउनशिप में रेल आधारित माल परिवहन का मार्ग खुल गया है। निजी भागीदारों की सहभागिता पर सुझाव के लिए जल्द हितधारकों से परामर्श होगा।

IGL को भूमि और Phase-I लेआउट की स्वीकृति

रिडको के निदेशक मंडल ने फेज-I (उत्तरी भाग) में राजमार्ग की ओर लगभग 4,000 वर्गमीटर भूमि इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को गैस टर्मिनल/CNG स्टेशन के लिए आवंटित करने को मंजूरी दी है। बोर्ड ने फेज-I की संशोधित लेआउट योजना भी स्वीकृत की, जिसमें टेक्सटाइल, फार्मा, वेस्ट रीसाइक्लिंग, एग्रो प्रोसेसिंग और सामान्य उद्योगों के लिए क्षेत्र-विशिष्ट पार्क प्रस्तावित हैं। उत्तरी भाग की प्रारंभिक योजना भी मंजूर हुई है, ताकि EPC मोड पर विकास कार्य के प्राक्कलन बन सकें।

₹4,000 प्रति वर्गमीटर पर Direct Allotment शुरू

फेज-I में प्रत्यक्ष आवंटन के तहत ₹4,000 प्रति वर्गमीटर की आधार दर (लागू शुल्क अतिरिक्त) पर भूखंड आवंटन शुरू हो गया है। ऑनलाइन पोर्टल पर कुल 30 भूखंड खोले गए हैं, जिनमें 28 औद्योगिक उपयोग और 2 मोटल/रेस्टोरेंट के लिए हैं। आवेदन 31 अक्टूबर 2026 को सायं 5 बजे तक स्वीकार होंगे।

निवेशकों की रुचि, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर तेज़ काम

सामरिक अवस्थिति और मजबूत बाह्य अवसंरचना को देखते हुए कई प्रमुख देशी-विदेशी कंपनियाँ क्षेत्र का भ्रमण कर इकाइयाँ लगाने में रुचि दिखा चुकी हैं। टाउनशिप में निर्बाध जल-विद्युत आपूर्ति के लिए करीब ₹400 करोड़ की अनुमानित लागत से समर्पित लाइनें बिछाई जा रही हैं, जिनमें 220 केवी डबल सर्किट विद्युत लाइन शामिल है। टाउनशिप में प्रवेश के लिए Vehicular Underpass भी चालू हो चुका है।