भोपाल में 23 अक्टूबर को Fisheries Investors & Exporters Conclave 2026, Inland Fisheries में निवेश और निर्यात पर रहेगा फोकस

भोपाल में 23 अक्टूबर को होने वाले Fisheries Investors and Exporters Conclave 2026 में Inland Fisheries के investment, value chain और export पर चर्चा होगी। MP Fisheries Guidelines 2026 भी जारी होंगे।

Oct 22, 2026 - 15:50
Oct 22, 2026 - 15:51
 0
भोपाल में 23 अक्टूबर को Fisheries Investors & Exporters Conclave 2026, Inland Fisheries में निवेश और निर्यात पर रहेगा फोकस

अनन्य सोच । भोपाल में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को Fisheries Investors and Exporters Conclave 2026 का आयोजन होगा। इसे मध्य प्रदेश सरकार का मत्स्य विभाग और केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का मत्स्य पालन विभाग मिलकर आयोजित कर रहे हैं। PIB के अनुसार, कॉन्क्लेव का फोकस Inland Fisheries में investment, processing, value addition और export के अवसरों पर रहेगा।

Integrated Value Chain पर जोर

आयोजन का मकसद सिर्फ production तक सीमित रहने के बजाय integrated value chain model को बढ़ावा देना है। इसमें processing, cold chain infrastructure और export बाजारों को उत्पादन से जोड़ने पर ध्यान रहेगा, ताकि मछुआरों और मत्स्य पालकों की market access और आय बढ़े। निवेशकों, निर्यातकों, उद्यमियों, startups, वित्तीय संस्थानों और मत्स्य सहकारी समितियों के साथ मध्य प्रदेश के 1,000 से अधिक मत्स्य पालकों के शामिल होने की संभावना है।

Madhya Pradesh Fisheries Guidelines 2026 का विमोचन

कार्यक्रम में 'मध्य प्रदेश मत्स्य पालन निवेश एवं निर्यात दिशा-निर्देश, 2026' जारी किए जाएंगे। केंद्र सरकार मध्य प्रदेश को Reservoir Fisheries Cluster के रूप में अधिसूचित कर चुकी है। ये दिशा-निर्देश मत्स्य बीज उत्पादन, फीड, cage culture, aquatic animal health management, processing, logistics और market development जैसे क्षेत्रों में निवेश को आसान बनाने के लिए हैं। इसके अलावा inland states की export क्षमता पर SOP जारी होंगे और integrated cage culture units का वर्चुअल उद्घाटन होगा।

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) राज्य में जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास के लिए प्रशासनिक स्वीकृति पत्र सौंपेंगे।

आंकड़ों में भारत का Fisheries Sector

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में भारत का कुल मत्स्य उत्पादन 197.75 लाख टन रहा, जिसमें 151.60 लाख टन inland fisheries से आया, यानी लगभग तीन-चौथाई। 2025-26 में seafood export 73,890 करोड़ रुपये का रहा। मध्य प्रदेश के पास लगभग 4.50 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र है, जो राज्य में विस्तार की बड़ी संभावना दर्शाता है।

प्रमुख उपस्थिति

कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल और राज्य के मत्स्य मंत्री नारायण सिंह पवार भी मौजूद रहेंगे।