“जब पत्थर बोल उठे…” हवामहल में कल से सजेगी राजकुमार गुप्ता की अनोखी पेबल आर्ट प्रदर्शनी
वर्ल्ड हेरिटेज डे पर कला और प्रकृति का अद्भुत संगम
अनन्य सोच। साधारण पत्थरों में छुपी कहानियों को रंगों के जरिए जीवंत रूप देने वाले प्रसिद्ध पेबल आर्टिस्ट राजकुमार गुप्ता अपनी अनोखी कला प्रदर्शनी लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। वर्ल्ड हेरिटेज डे के अवसर पर 18 और 19 अप्रैल को यह खास प्रदर्शनी जयपुर के ऐतिहासिक हवामहल में आयोजित की जा रही है।
पत्थरों में छुपी भावनाओं को मिला रंगों का जीवन
राजकुमार गुप्ता की खासियत यह है कि वे नदी से मिले साधारण पत्थरों को बिना काटे-छांटे, केवल रंगों और कल्पना के माध्यम से जीवंत कला में बदल देते हैं। उनका मानना है कि हर पत्थर अपने भीतर एक कहानी, एक भावना और एक पहचान समेटे होता है—बस जरूरत होती है उसे समझने की।
राजस्थान की संस्कृति का अनोखा चित्रण
इस प्रदर्शनी में राजस्थान की लोक संस्कृति की झलकियां देखने को मिलेंगी। ऊंटों के कारवां, घुंघरू बजाती नृत्यांगनाएं, प्राकृतिक दृश्य और पारंपरिक जीवन शैली को कलाकार ने बेहद खूबसूरती से पत्थरों पर उकेरा है।
प्रदर्शनी में 40 से अधिक पेबल आर्ट वर्क्स प्रदर्शित किए जाएंगे, जो दर्शकों को कला की एक अलग ही दुनिया में ले जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बिखेरा जलवा
हाल ही में नोएडा में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में राजकुमार गुप्ता की कलाकृतियों ने देश-विदेश के कलाकारों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। उनकी कला की यही खासियत अब जयपुर के दर्शकों को देखने का मौका मिलेगा।
कलाकार से सीधे संवाद का मौका
इस प्रदर्शनी की एक और खास बात यह है कि कलाकार स्वयं मौके पर उपस्थित रहेंगे। वे दर्शकों को हर कलाकृति के पीछे की कहानी और उसके भाव को समझाएंगे, जिससे यह अनुभव और भी खास बन जाएगा।
सभी के लिए खुला, प्रवेश बिल्कुल निशुल्क
कला प्रेमियों के लिए यह प्रदर्शनी किसी खास तोहफे से कम नहीं है। इसमें प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अनूठी कला का आनंद ले सकें।
कला और विरासत का संगम
हवामहल जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित यह प्रदर्शनी न केवल कला को बढ़ावा देती है, बल्कि विरासत और रचनात्मकता का सुंदर संगम भी प्रस्तुत करती है।