‘Royalwood’ बने राजस्थानी सिनेमा की नई पहचान! Film Policy Mahotsav में उठी 56 शो अनिवार्य करने की मांग
Rajasthan Film Policy को लेकर जयपुर में आयोजित Rajasthan Film Policy Abhinandan Evam Cinema Mahotsav में फिल्मकारों और कलाकारों ने राजस्थानी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ‘Royalwood’ ब्रांडिंग, सिनेमाघरों में 56 शो अनिवार्य करने और Rajasthan Film Development Board के गठन जैसी महत्वपूर्ण मांगें प्रमुखता से उठीं।
इवेंट के दौरान निर्देशक सुरेंद्र स्वामी, के सी मालू, सुरेश कुमार श्रवण सागर कल्याण।
अनन्य सोच। जयपुर के Hotel Marriott में आयोजित ‘Rajasthan Film Policy Abhinandan Evam Cinema Mahotsav’ राजस्थानी सिनेमा के भविष्य को नई दिशा देने वाला मंच साबित हुआ। Sony Sanwata Entertainment और Sonam Telefilms Private Limited के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में फिल्मकारों, कलाकारों और जनप्रतिनिधियों ने राजस्थानी फिल्म उद्योग को मजबूत बनाने के लिए कई अहम सुझाव दिए।
राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में राजस्थानी भाषा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। शहरों में राजस्थानी और हिंदी का मिश्रण बढ़ने से मूल शब्दावली गांवों तक सीमित होती जा रही है। उन्होंने बताया कि राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने का संघर्ष वर्ष 1982 से जारी है और नई शिक्षा नीति के माध्यम से इसे स्कूलों में लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि एक समय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भारतीय फिल्मों के माध्यम से देश की गरीबी को प्रमुखता से दिखाया जाता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में तस्वीर बदली है। अब भारतीय सिनेमा दुनिया के सामने देश की संस्कृति, आत्मविश्वास और विकास की कहानी प्रस्तुत कर रहा है।
फिल्म निर्माता श्रवण सागर ने कहा कि फिल्में केवल अवार्ड जीतने के लिए नहीं, बल्कि दर्शकों के दिल जीतने के लिए बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि नई Film Policy से निर्माताओं को प्रोत्साहन मिलेगा और सरकार उद्योग के साथ मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है। वहीं अभिनेत्री एवं निर्माता सोनम गुर्जरी ने कहा कि नई नीति के तहत मिलने वाली सुविधाओं से Rajasthan Tourism, लोक संस्कृति और विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा राजस्थानी सिनेमा को ‘Royalwood’ के नाम से अलग पहचान दिलाने की मांग रही। फिल्मकारों ने महाराष्ट्र मॉडल की तर्ज पर राज्य के सिनेमाघरों में राजस्थानी फिल्मों के लिए सालभर में कम से कम 56 शो अनिवार्य करने की मांग उठाई। साथ ही Rajasthan Film Development Board के गठन और अनुदान की हर छह माह में समीक्षा की भी मांग की गई।
समारोह में राजस्थानी सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 11 कलाकारों और फिल्मकारों को सम्मानित किया गया। इनमें अभिनेत्री सोनम गूजरी, निर्देशक सुरेंद्र स्वामी सहित कई प्रमुख नाम शामिल रहे। कार्यक्रम ने स्पष्ट संकेत दिया कि राजस्थानी सिनेमा अब क्षेत्रीय दायरे से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा है।