Summer Camp 2026: Kathak से Kalbelia तक बच्चों ने बिखेरा हुनर, Rangayan Auditorium तालियों से गूंज उठा
JKK के Junior Summer Camp 2026 का समापन रंगायन सभागार में रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ हुआ। एक माह तक चले इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में बच्चों ने Music, Kathak, Contemporary Dance, Tabla, Guitar, Synthesizer और Rajasthani Folk Dance की बारीकियां सीखीं। समापन समारोह में विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और साबित किया कि राजस्थान की नई पीढ़ी कला एवं संस्कृति की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अनन्य सोच। जयपुर स्थित Jawahar Kala Kendra द्वारा आयोजित Junior Summer Camp 2026 का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। रंगायन सभागार में आयोजित समापन समारोह कला, संस्कृति और प्रतिभा का ऐसा संगम बना, जहां बच्चों की प्रस्तुतियों ने अभिभावकों, कला प्रेमियों और दर्शकों का दिल जीत लिया।
एक माह तक चले इस विशेष Summer Camp का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना था। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण दिया गया, जिसका उत्कृष्ट प्रदर्शन समापन समारोह में देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत Synthesizer Workshop से हुई। मुख्य प्रशिक्षक हबीब खान के निर्देशन में विद्यार्थियों ने “इत्ती सी खुशी”, “है अपना दिल तो”, “अच्युतम केशवम”, “लकड़ी की काठी”, “एक प्यार का नगमा है” और “हम होंगे कामयाब” जैसी लोकप्रिय धुनों की प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
इसके बाद Guitar Workshop के विद्यार्थियों ने प्रशिक्षक पवन गोस्वामी के मार्गदर्शन में “चुरा लिया है तुमने जो दिल को”, “छूलो” सहित कई चर्चित गीत प्रस्तुत किए। उनकी रिदम और कॉर्ड्स पर मजबूत पकड़ ने सभी को प्रभावित किया।
Vocal Music Workshop में डॉ. सुनील राही के निर्देशन में विद्यार्थियों ने “नव निर्माण गीत”, फिल्मी ग़ज़ल “होठों से छू लो तुम” और प्रसिद्ध कव्वाली “दमा दम मस्त कलंदर” की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। वहीं Tabla Workshop में उस्ताद सलामत हुसैन के प्रशिक्षुओं ने पेशकार, कायदा, रेला, चक्रदार और जुगलबंदी जैसी जटिल तकनीकों का शानदार प्रदर्शन किया।
Contemporary Dance Workshop में प्रसिद्ध डांस गुरु पंकज बसोतिया के निर्देशन में विद्यार्थियों ने ऊर्जा और अनुशासन से भरपूर प्रस्तुतियां दीं। वहीं Kathak Guru अदिति सौगनी के निर्देशन में कृष्ण जन्म, यशोदा की लोरी, माखन चोरी, कालिया दमन और महाभारत के द्रौपदी चीरहरण जैसे प्रसंगों का मंचन दर्शकों को भाव-विभोर कर गया।
कार्यक्रम का एक और आकर्षण Rajasthani Folk Dance Workshop रही, जहां प्रशिक्षिका अंजना शर्मा राजेंद्र राव के निर्देशन में विद्यार्थियों ने कालबेलिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत कर दिया।
समापन समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों और कला प्रेमियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। यह शिविर न केवल बच्चों के कला कौशल और आत्मविश्वास को विकसित करने में सफल रहा, बल्कि भारतीय संस्कृति से उनके जुड़ाव को भी और अधिक मजबूत बना गया।