मेघा रे मेघा रे... Jaipur में Suresh Wadkar के सुरों की बरसात, Pt. Tarun Bhattacharya को Nolakha Srijan Award
Jaipur के Birla Auditorium में Suresh Wadkar और Padma Wadkar की live performance ने समां बांधा। Pt. Tarun Bhattacharya को Nolakha Srijan Award मिला।
अनन्य सोच । गुलाबी नगरी की शाम उस वक्त सुरमई हो गई, जब Birla Auditorium में 'Suresh Wadkar Live' का आयोजन हुआ। Srijan The Spark की ओर से हुए इस Live Concert में मशहूर playback singer सुरेश वाडकर और गायिका पद्मा वाडकर की जुगलबंदी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। 'मैं ही मैं हूं', 'देर ना हो जाए कहीं', 'सीने में जलन' और 'मेघा रे मेघा रे' जैसे सदाबहार नग्मों पर संगीत प्रेमी देर तक झूमते रहे।
देर ना हो जाए कहीं: सम्मान में नहीं हुई देर
कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित संतूर वादक पंडित तरुण भट्टाचार्य को संगीत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए Nolakha Srijan Award दिया गया। Srijan The Spark के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक, सेवानिवृत्त IPS अधिकारी प्रसन्न खमेसरा, चेयरमैन राजेश नौलखा, अध्यक्ष सम्प्रति सिंघवी और महासचिव राजीव सिंघवी ने तीनों कलाकारों का स्वागत और सम्मान किया।
सीने में जलन से सेवा तक: Srijan Gyan Award
संगीत की इस शाम में समाज सेवा को भी सम्मान मिला। Srijan Gyan Award की शुरुआत स्वर्गीय ज्ञान चंद जी दद्दा की स्मृति में की गई है। यह अवॉर्ड इस वर्ष स्वर्गीय प्रकाश चंद सुराणा को मरणोपरांत दिया गया, जिसे उनकी पत्नी ने ग्रहण किया। सुराणा को उद्यमिता (entrepreneurship) के जरिए समाज सेवा में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सदाबहार नग्मे, Cultural Heritage की झलक
कार्यक्रम में MGPS स्कूल की 10 छात्राओं ने Classical Dance की प्रस्तुति देकर भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध परंपरा दिखाई। संगठन के प्रतिनिधियों ने संगीत की विरासत सहेजने और प्रेरणादायी कार्य करने वाली हस्तियों को सम्मानित करने के महत्व पर जोर दिया। Srijan The Spark के भारत में 12 और विदेशों में 3 chapters हैं, जो संगीत के जरिए लोगों को जोड़ने और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।