राजस्थान पुलिस का 'Positive Behaviour in Policing' Training शुरू, DGP बोले- थाने में वैसा व्यवहार करें, जैसा खुद के लिए चाहते हैं

जयपुर के IIHMR University में Rajasthan Police का तीन दिवसीय 'Positive Behaviour in Policing' Training शुरू हुआ। DGP राजीव कुमार शर्मा ने संवेदनशीलता और अपराधियों पर सख्ती पर जोर दिया।

Oct 16, 2026 - 09:29
Oct 16, 2026 - 10:09
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राजस्थान पुलिस का 'Positive Behaviour in Policing' Training शुरू, DGP बोले- थाने में वैसा व्यवहार करें, जैसा खुद के लिए चाहते हैं
जयपुर के IIHMR University में 'Positive Behaviour in Policing' प्रशिक्षण का शुभारंभ करते DGP राजीव कुमार शर्मा।

अनन्य सोच । आमजन में पुलिस की सख्त कार्यशैली को लेकर बनी सोच बदलने और संवाद व विश्वास को मजबूत करने के लिए Rajasthan Police ने नई पहल शुरू की है। पुलिसकर्मियों को पारदर्शी और व्यवहार कुशल बनाने के लिए चरणबद्ध Training दी जा रही है। इसकी शुरुआत गुरुवार को IIHMR University परिसर में 'Positive Behaviour in Policing' कार्यक्रम से हुई। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर इसका शुभारंभ किया।

35 पुलिसकर्मी, 17 अक्टूबर तक चलेगा कार्यक्रम

तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में 35 पुलिसकर्मियों के साथ विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर संवाद कर रहे हैं। यह 17 अक्टूबर तक चलेगा।

"थाने में वैसा व्यवहार करें, जैसा खुद के लिए चाहते हैं"

DGP शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस के संवेदनशील व्यवहार और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की चर्चा देशभर के पुलिस अधिकारियों में है, और इस पेशेवर छवि को बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता का अर्थ नरमी बरतना नहीं, बल्कि विधिक प्रक्रिया के तहत पीड़ित को राहत दिलाना है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे खुद को शिकायतकर्ता की जगह रखकर सोचें और आमजन के साथ वैसा ही व्यवहार करें। उनके अनुसार अपराधियों के प्रति सख्ती और आमजन के प्रति संवेदनशीलता पुलिस की कार्यशैली का मूल आधार होना चाहिए।

DGP ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी लंबी ड्यूटी और बदलती चुनौतियों में काम करते हैं, इसलिए स्पष्ट संवाद, सहानुभूति और कानून के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है। उन्होंने प्रतिभागियों से अपने अनुभव और सफल उदाहरण साझा करने का आह्वान किया। पूर्व DGP डॉ. एम.के. देवराजन ने इसे आत्मचिंतन का मंच बताया और Police Reform के पूर्व प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम में उदय पारीक एचआरडी रिसर्च फाउंडेशन के चेयरमैन अपूर्व कुमार ने स्वागत और विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. पी.आर. सोढाणी ने आभार व्यक्त किया।

Case Study, Role-Play और कार्ययोजना

प्रशिक्षण में Case Study, भूमिका-अभिनय, समूह चर्चा और आत्म-चिंतन के जरिए पुलिसिंग को नागरिक-केंद्रित बनाने का प्रयास है। दूसरे दिन शुक्रवार को 'दबाव की परिस्थितियों में पुलिसिंग' पर चर्चा होगी, जिसमें तनाव समझने, भावनात्मक स्थितियों में संयम रखने और नाराज शिकायतकर्ताओं से निपटने पर जोर रहेगा। तीसरे दिन शनिवार को 'सीख से सकारात्मक पुलिसिंग की ओर' विषय पर प्रभावी संवाद, सक्रिय श्रवण और विश्वास मजबूत करने के उपायों पर काम होगा। समापन पर प्रतिभागियों की व्यक्तिगत और इकाई स्तर की Action Plan तैयार होंगी।