धरोहर को दिखाने का दिखा अनूठा प्रयास

डॉ. रेनू शाही (कला आचार्य, चित्रकार एवं कला समीक्षक)

धरोहर को दिखाने का दिखा अनूठा प्रयास

Ananya soch: art Exhibition news

अनन्य सोच। 'छत्रपति शिवाजी महाराज' वस्तु संग्रहालय, मुम्बई के 'म्यूजियम ऑन व्हील्स' (Chhatrapati Shivaji Maharaj's Museum, Mumbai's 'Museum on Wheels') की प्रदर्शनी "प्राचीन मूर्तियाँ : भारत, मिस्र, असीरिया, ग्रीस, रोम" (Exhibition 'Ancient Sculptures: India, Egypt, Assyria, Greece, Rome') का जयपुर में पहली बार प्रदर्शित हुई.

प्रदर्शनी का आयोजन राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट, जयपुर (rajasthan school of art) में किया गया. प्रदर्शनी का उद्घाटन प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार खंडेलवाल ने किया. इस प्रदाशनी में महाविद्यालय के छात्रों सहित अन्य स्थानों से आए 150 से अधिक लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसकी प्रशंसा की. 'म्यूजियम ऑन व्हील्स' का उद्देश यह है कि यदि आप संग्रहालय नहीं जा सकते, तो म्यूजियम आपके पास चल कर आएगा.

प्रदर्शनी में भारत के साथ मेसोपोटामिया, मिस्र जैसी महान सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक समानताएं प्रदर्शित की गईं. यहां विद्यार्थी उत्सुक दिखे और उन्होंने प्रदर्शित सभी वस्तुओं को रुचि के साथ देखा.

दर्शकों के लिए डिजिटल टच स्क्रीन कियोस्क भी थे, ताकि वे प्राचीन स्मारकों जैसे काहू-जो-दड़ो के उत्तर-गुप्त काल के स्तूप, जिसे मीरपुर खास के नाम से भी जाना जाता है, का अनुभव कर सकें. इस आयोजन में कला विद्यालय से डॉ. आकांक्षा,  पंकज यादव, चंद्रकांता, अंसुमान शर्मा, डॉ. रेणु शाही, गिर्राज, प्रफुल, प्रदीप सोनी, सीमा, राहुल आदि भी मौजूद थे.  मुंबई संग्रहालय से यह प्रदर्शनी लाने वाले कार्यकर्ताओं में गौरव जाधव,  प्रताप पाटिल, रुतुजा काले और कविता पटेल ने  दर्शकों की जिज्ञासा दूर की, साथ ओमकार डोंगरकर और देवेश पाले तथा ड्राइवर अमर पाटिल का सहयोग सराहनीय रहा.