सुरों की यादगार शाम: जयपुर में Asha Bhosle को भावभीनी श्रद्धांजलि
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में ‘तेरे ख़यालों में हम…’ संध्या, मधुरा दातार की प्रस्तुति ने बांधा समां
अनन्य सोच। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के मुख्य सभागार में आयोजित “तेरे ख़यालों में हम…” संगीत संध्या ने जयपुर को सुरों की एक यादगार शाम दी। इस विशेष कार्यक्रम में महान गायिका Asha Bhosle के पाँच दशकों के संगीत सफर को एक मंच पर सजीव किया गया। जैसे ही पुणे की गायिका मधुरा दातार ने अपनी प्रस्तुति शुरू की, सभागार में बैठे श्रोता सुरों की दुनिया में खो गए।
कार्यक्रम की शुरुआत ओ.पी. नैयर और आशा भोसले के कालजयी गीतों से हुई। “आओ हुज़ूर तुमको…”, “आइए मेहरबाँ” और “जाइए आप कहाँ जाएंगे” जैसे गीतों ने श्रोताओं को स्वर्णिम युग की यादों में ले गया। “चैन से हमको कभी…” जैसी भावपूर्ण प्रस्तुति ने वातावरण को और भी गहराई दी। मध्यांतर में कोरस गीतों और डांस मेडले ने माहौल को जीवंत बना दिया, जहां “दम मारो दम” जैसे गीतों पर दर्शक झूम उठे।
संध्या का सबसे भावुक पल तब आया जब साहित्य और संगीत के संगम से सजे विशेष मेडले ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद ‘उमराव जान’ के लोकप्रिय गीतों “दिल चीज़ क्या है”, “इन आँखों की मस्ती” और “ये क्या जगह है दोस्तों” की प्रस्तुति ने सभागार में गूंजती तालियों के बीच गहरी छाप छोड़ी।
कार्यक्रम का समापन शीर्षक गीत “तेरे ख़यालों में हम” के साथ हुआ, जिसने इस संध्या को और भी यादगार बना दिया। श्रोताओं की लगातार तालियों और उत्साह ने इस आयोजन की सफलता को प्रमाणित किया। यह संध्या जयपुर के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक विशेष स्थान बना गई।