जयपुर में फिर गूंजी आशा की आवाज, सुरों की महफिल में लौट आया सुनहरा दौर
श्याम नगर में सजी Musical Evening में Asha Bhosle के Evergreen Songs ने श्रोताओं को पुराने सुनहरे दौर की याद दिला दी।
अनन्य सोच। कभी रेडियो पर गूंजने वाले गीत, कभी फिल्मों की पहचान बने नगमे और कभी दिलों की धड़कन बनी आवाज... स्वर साम्राज्ञी Asha Bhosle को समर्पित ऐसी ही एक यादगार Musical Evening शनिवार को श्याम नगर स्थित Veena Modani Academy में देखने को मिली। सुरों से सजी इस खास शाम ने संगीत प्रेमियों को मानो दशकों पुराने सुनहरे दौर में पहुंचा दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ child actor Arvik bairathi की मनोहारी Ganesh Vandana से हुआ। उनकी प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद मंच पर सुरों का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसने श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा।
प्रसिद्ध गायिका वीणा मोदानी और हर्षित मोदानी ने अपनी मधुर आवाज में गीत प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। वहीं अर्विक बैराठी ने लोकप्रिय गीत ‘ऊपर पान की दुकान’ पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की तालियां बटोर लीं। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
राजस्थान की Asha Bhosle Award से सम्मानित गायिका एवं कार्यक्रम की आयोजक वीणा मोदानी ने कहा कि भारतीय संगीत की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में आशा भोसले के विभिन्न दौर के लोकप्रिय और Evergreen Songs को नई शैली में प्रस्तुत किया गया।
जब मंच से ‘ओ साथी रे...’ और ‘ये पर्दा हटा दो...’ जैसे कालजयी गीत गूंजे तो पूरा सभागार भावनाओं से भर उठा। कई श्रोता गीतों के साथ गुनगुनाते नजर आए, जबकि युवा पीढ़ी भी इन अमर धुनों की मिठास में खोई दिखाई दी।
संगीत, स्मृतियों और भावनाओं का यह संगम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत की स्वर्णिम विरासत का उत्सव बन गया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों और दर्शकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इस आयोजन को लंबे समय तक याद रखे जाने वाला बना दिया।