Chambal River में Illegal Sand Mining पर लगेगी लगाम: अरण्य भवन में बनेगा Digital Display Board, 40 संवेदनशील Points पर Live Monitoring
मुख्य सचिव ने चंबल नदी में Illegal Sand Mining रोकने के लिए अरण्य भवन में Digital Display Board से 40 अति संवेदनशील Points की निगरानी के निर्देश दिए।
अनन्य सोच ।चंबल नदी में अवैध बजरी खनन की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बुधवार को शासन सचिवालय में स्टेट लेवल कॉर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक हुई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संबंधित विभागों और जिला कलेक्टरों को प्रभावी व समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के साथ सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
40 Sensitive Points की Digital Monitoring
मुख्य सचिव ने अरण्य भवन में Digital Display Board लगाने के निर्देश दिए, जिससे चंबल नदी के 40 अति संवेदनशील स्थानों की निरंतर निगरानी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था Abhay Command Centre की तर्ज पर विकसित की जाए। इन स्थानों पर निगरानी व्यवस्था की साप्ताहिक समीक्षा भी होगी, ताकि अवैध खनन की गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
Patrolling Posts और M-Sand Policy पर जोर
बैठक में चंबल क्षेत्र में स्थापित Patrolling Posts का नियमित निरीक्षण और प्रभावी सुपरविजन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, वैकल्पिक निर्माण सामग्री के रूप में M-Sand Policy को बढ़ावा देने के लिए समीक्षा कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।
केवल चालान नहीं, Legal Action भी
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अवैध बजरी खनन में शामिल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई केवल चालान तक सीमित न रहे। प्रकरण की प्रकृति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार चार्जशीट दायर करने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पड़ोसी राज्यों के पुलिस प्रशासन से समन्वय कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
जिलों ने रखा Action Plan
बैठक में करौली, कोटा, बूंदी, धौलपुर और सवाई माधोपुर के उप वन संरक्षकों ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित Special Task Force द्वारा क्या कार्य किए जा रहे हैं।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) अपर्णा अरोरा, प्रमुख शासन सचिव (परिवहन) भवानी सिंह देथा, प्रमुख शासन सचिव (राजस्व) टी. रविकांत, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हैड ऑफ फोरेस्ट फोर्स अरिजीत बनर्जी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी. के. उपाध्याय और अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के. सी. अरुण प्रसाद सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।