Guru Naman-10: Jaipur में Kathak की विविध Performances ने मोहा मन, Guru-Shishya Parampara को किया नमन
Jaipur में Geetanjali Music Society के दो दिवसीय 'गुरु नमन-10' में Kathak की शानदार Performances हुईं। Kala Kaustubh और Nritya Mani Samman से कलाकार सम्मानित। पढ़ें पूरी खबर।
अनन्य सोच । गीतांजलि म्यूजिक सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक समारोह 'गुरु नमन-10' भारतीय Classical Music और Dance की समृद्ध परंपरा, Guru-Shishya Parampara और कला साधना का अनुपम उत्सव बना। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात Kathak गुरु डॉ. शशि साँखला के मार्गदर्शन में हुए इस समारोह का आयोजन उनकी शिष्य मंडली ने किया। सोसाइटी पिछले 45 वर्षों से शास्त्रीय संगीत और नृत्य के संरक्षण व संवर्धन में सक्रिय है।
कला विभूतियों का सम्मान
'Kala Kaustubh Samman' से जयपुर घराने की प्रख्यात कथक गुरु उर्मिला नागर, पद्मश्री से सम्मानित सारंगी वादक उस्ताद मोइनुद्दीन खान और तबला वादक उस्ताद जफर मोहम्मद को सम्मानित किया गया। 'Nritya Mani Samman' डॉ. सीमा गोयल, निभा नारंग, डॉ. गीतांजलि सिंह और जय प्रकाश सिसोदिया को दिया गया।
Kathak की विविध Performances ने बांधा समां
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना 'द्वादश नाम गणपति' से हुई, जिसे डॉ. रीमा गोयल की शिष्याओं ने प्रस्तुत किया। उन्होंने रसखान रचित 'मोर पंखा' भी पेश किया। डॉ. गीतांजलि सिंह की शिष्याओं ने 'ताल पंचम सवारी', 'जटायु मोक्ष' और 'चतुरंग' प्रस्तुत किए, जिनमें जटिल लयकारी और सधा हुआ पद-संचालन दिखा। डॉ. शशि साँखला के वरिष्ठ विद्यार्थियों की 'रुद्र ताल' ने अपनी ऊर्जा से ध्यान खींचा। डॉ. रीमा गोयल की मांड 'जूरी' की भावपूर्ण प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही।
संगत कलाकार और संचालन
संगत में मुन्ना लाल भाट (गायन व हारमोनियम), मास्टर मोहम्मद ज़मान (तबला), ऐश्वर्य आर्य (पखावज), ज़ाकिर हुसैन (सारंगी) और मोहम्मद इरफान (सितार) रहे। मंच संचालन प्रणय भारद्वाज ने किया। कला जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने कलाकारों की सराहना की।