Jaipur में 'Le Voyage de Rézé' Music Show: France-India Innovation Year 2026 में सुरों से जुड़ीं दो संस्कृतियां

France-India Innovation Year 2026 के तहत जयपुर के Rajasthan International Centre में 'Le Voyage de Rézé' का आयोजन हुआ। संगीत, लाइव पेंटिंग और भारतीय कलाकारों की जुगलबंदी ने दर्शकों को बांधे रखा।

Oct 16, 2026 - 09:11
Oct 16, 2026 - 09:13
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Jaipur में 'Le Voyage de Rézé' Music Show: France-India Innovation Year 2026 में सुरों से जुड़ीं दो संस्कृतियां
जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में 'ले वोयाज दे रेज़े' की प्रस्तुति के दौरान मंच पर संगीत और लाइव चित्रांकन।

अनन्य सोच । France-India Innovation Year 2026 के अंतर्गत France Live श्रृंखला के तहत राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर में 'ले वोयाज दे रेज़े' (Le Voyage de Rézé) संगीत कार्यक्रम आयोजित हुआ। आयोजन भारत में फ्रांस के दूतावास, French Institute in India और अलायंस फ्रांसेज़ डी जयपुर ने किया। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर और राजस्थान पत्रिका सांस्कृतिक सहयोगी रहे, जबकि कुलिश स्कूल कार्यशाला सहयोगी रहा।

संगीत, कविता और लाइव पेंटिंग का संगम

चार कलाकारों ने संगीत, कविता, चित्रकला और दृश्य माध्यमों का ऐसा समन्वय पेश किया कि दर्शक शुरू से अंत तक बंधे रहे। कलाकारों ने परिचित, भूली-बिसरी और खुद रची धुनों के जरिए दर्शकों को एक रंगीन संगीतमय यात्रा पर ले जाने का प्रयास किया। मंच पर चित्रों का Live Creation और उनका तुरंत Projection अनुभव को और आकर्षक बनाता रहा।

भारतीय कलाकारों के साथ जुगलबंदी

जामिंग सत्र में नीरजा मोदी स्कूल की सियाना, जो हुला-हूप नृत्य की सबसे कम उम्र की कलाकारों में शामिल हैं, और युवा मोरचंग व खड़ताल वादक ममता सापरा ने फ्रांसीसी कलाकारों के साथ प्रस्तुति दी। इसे Cultural Exchange और संगीत की सार्वभौमिक भाषा का सुंदर उदाहरण बताया गया।

कलाकार और प्रस्तुति

रेज़े ने गायन व गिटार, सोइफ्रां ने ताल वाद्य, एम्दे ने मंच पर लाइव चित्रांकन और क्रिस्तू ने चित्रों के रियल-टाइम प्रक्षेपण की जिम्मेदारी संभाली। लगभग 70 मिनट की यह प्रस्तुति फ्रेंच और अंग्रेजी में थी और 10 वर्ष व उससे अधिक आयु के दर्शकों के लिए अनुशंसित रही।

French Institute in India के निदेशक ग्रेगोर ट्रूमेल ने कहा कि यह कार्यक्रम संगीत प्रस्तुति को ऐसे सामूहिक अनुभव में बदल देता है, जिसे कलाकार और दर्शक मिलकर रचते हैं। उनके अनुसार यही भावना फ्रांस-भारत नवाचार वर्ष का मूल उद्देश्य है। यह कार्यक्रम भारत के नौ शहरों में प्रस्तुत किया जा रहा है।

अतिथि और विद्यार्थियों की भागीदारी

राजस्थान सरकार के कॉलेज शिक्षा आयुक्त नथमल डिडेल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अधीन कॉलेजों में भी French Education को बढ़ावा दिया जा रहा है। अलायंस फ्रांसेज़ डी जयपुर की अध्यक्ष डॉ. तूलिका गुप्ता ने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सभी के लिए सुलभ और निःशुल्क बनाए रखना भी है।

कार्यक्रम में पूर्णिमा विश्वविद्यालय, जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय, द कुलिश स्कूल, द पैलेस स्कूल, IICD, बिरला बालिका विद्यापीठ (पिलानी), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी, बिरला पब्लिक स्कूल (पिलानी), इंडियन वुमेन इम्पैक्ट एनजीओ और राजस्थान पुलिस की टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स के प्रतिनिधि शामिल हुए। समापन कलाकारों और दर्शकों के प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।