जयपुर में रवींद्र जैन को सुरीली श्रद्धांजलि, RIC में Tribute Concert 'गीत गाता चल' से यादगार बनी शाम
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में संगीतकार Ravindra Jain को समर्पित Tribute Concert 'गीत गाता चल' हुआ। सतीश देहरा और गुल सक्सेना ने पेश किए उनके 15 फ़िल्मी गीत।
अनन्य सोच । राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) की ओर से गुरुवार को सुविख्यात संगीतकार Ravindra Jain को सुरीली श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य ऑडिटोरियम में शाम 6.30 बजे से करीब डेढ़ घंटे चली संगीत संध्या 'गीत गाता चल' में जैन के लगभग 15 फ़िल्मी गीत पेश किए गए।
Tribute Concert की खास बातें
मुंबई की युवा गायिका गुल सक्सेना ने जैन के गीतों को अपने सुरों से सजाया। दो दशक तक रवींद्र जैन के साथ रहे गायक-संगीतकार सतीश देहरा Celebrity Guest के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सोलो प्रस्तुति दी और गुल के साथ युगल गीत भी गाए। इस आयोजन की परिकल्पना लोक कला-संस्कृति और संगीत मर्मज्ञ के.सी. मालू ने की थी, जो अब हमारे बीच नहीं हैं।
गुल सक्सेना की प्रस्तुति
गुल ने फ़िल्म 'सौदागर' (1973) के गीत 'सजना है मुझे सजना के लिए' से संध्या की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 'दिल में तुझे बिठाकर' (फ़कीरा), 'अंखियों के झरोखों से', 'मैं हूं ख़ुश रंग हिना' (हिना) और 'तेरा मेरा साथ रहे' (सौदागर) जैसे गीत प्रस्तुत किए।
सतीश देहरा के गीत और संस्मरण
सतीश देहरा ने 'चित चोर' के गीत 'गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा' से Performance का आगाज़ किया। बाद में उन्होंने 'घुंघरू की तरह' (चोर मचाए शोर) और 'नज़र आती नहीं मंज़िल' (कांच और हीरा) जैसे संजीदा गीत गाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। देहरा ने बताया कि 'दादू' यानी रवींद्र जैन उनके गॉडफादर थे, जिन्होंने फ़िल्मों, टीवी धारावाहिकों और स्टेज शोज में लगातार अवसर देकर उन्हें प्रोत्साहित किया।
युगल गीतों और Live Band के साथ समापन
देहरा और गुल ने कोरस के साथ टाइटल गीत 'गीत गाता चल' और 'सुन साहिबां सुन' (राम तेरी गंगा मैली) गाया। दोनों ने 'एक डाल पर तोता बोले', 'कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया' (नदिया के पार), 'जब दीप जले आना' (चित चोर) और 'श्याम तेरी बंसी' जैसे युगल गीत भी पेश किए। समापन 'हिना' की क़व्वाली 'देर ना हो जाए कहीं' से हुआ। सतीश पोपली के नेतृत्व में Live Band 'डो-रे-मी' ने शानदार संगत की और शुरुआत में 'रामायण' धारावाहिक के टाइटल गीत का इंस्ट्रुमेंटल पीस भी बजाया।