Rajasthan Health Scheme Update: RGHS में बड़ा विस्तार: 2 साल में ₹7200 करोड़ से अधिक भुगतान, लाखों लाभार्थियों को मिली राहत
नेटवर्क, पारदर्शिता और डिजिटल सुधारों के दम पर राजस्थान की स्वास्थ्य योजना बनी भरोसेमंद मॉडल
Ananya soch: Rajasthan Health Scheme Update
अनन्य सोच। Cashless Treatment Rajasthan: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर (RGHS Scheme Rajasthan) राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) ने बीते दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। योजना का दायरा बढ़ाने, भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। इसका परिणाम है कि इस अवधि में अस्पतालों और फार्मेसियों को ₹7200 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है।
लाभार्थियों और सेवाओं में बड़ा इजाफा
चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के अनुसार, योजना के लाभार्थियों की संख्या 12.35 लाख से बढ़कर 13.61 लाख हो गई है। (Health Scheme Expansion) वहीं, उपचार पैकेज 2,129 से बढ़कर 3,367 तक पहुंच गए हैं, जिससे अधिक बीमारियों का इलाज संभव हुआ है। यह विस्तार योजना को और अधिक समावेशी और प्रभावी बनाता है।
अस्पताल और फार्मेसी नेटवर्क हुआ मजबूत (Rajasthan Government Healthcare)
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों का नेटवर्क 1500 से बढ़कर 1,729 हो गया है। साथ ही, फार्मेसियों की संख्या 4,266 से बढ़कर 4,875 हो चुकी है। इससे मरीजों को नजदीकी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण इलाज और दवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
भुगतान में पारदर्शिता और तेज़ी
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि भुगतान प्रणाली को सरल और समयबद्ध बनाया गया है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ₹7225 करोड़ का भुगतान किया गया है, जिसमें ₹4006 करोड़ अस्पतालों और ₹3219 करोड़ फार्मेसियों को दिए गए हैं। यह पहले की तुलना में भुगतान व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है।
रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ा वार्षिक भुगतान
वित्त वर्ष 2021-22 में ₹364 करोड़ का भुगतान हुआ था, जो 2024-25 में बढ़कर ₹3471 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, 2025-26 में भी करीब ₹3000 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है, जो योजना की निरंतरता और मजबूती को दर्शाता है।
तीन दिन में 1.34 लाख TID, सेवाओं का बढ़ता दायरा
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के अनुसार, 25 से 27 मार्च 2026 के बीच 1.34 लाख TID जनरेट हुईं। इसमें 84 हजार से अधिक पेंशनर्स और 50 हजार अन्य लाभार्थियों को फायदा मिला। करीब 62 हजार लोगों ने ओपीडी सेवाएं लीं, जबकि 67 हजार लोगों को कैशलेस दवाएं मिलीं।
डिजिटल सुधार और पारदर्शिता पर जोर
योजना में डिजिटल ट्रांजेक्शन, मॉनिटरिंग सिस्टम और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दिया गया है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि अनियमितताओं पर भी प्रभावी नियंत्रण हुआ है।