गृह मंत्रालय ने लॉन्च किया “TELL 14C” व्हाट्सएप चैटबॉट, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत होगी रिपोर्टिंग

साइबर ठगों पर डिजिटल शिकंजा कसने की नई पहल अब ठगी का इंतजार नहीं, पहले ही दी जा सकेगी सूचना

May 12, 2026 - 22:37
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गृह मंत्रालय ने लॉन्च किया “TELL 14C” व्हाट्सएप चैटबॉट, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत होगी रिपोर्टिंग

अनन्य सोच। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए व्हाट्सएप आधारित “TELL 14C चैटबॉट” प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस नई सुविधा के माध्यम से आमजन अब केवल एक व्हाट्सएप संदेश के जरिए संदिग्ध साइबर गतिविधियों की जानकारी साझा कर सकेंगे। इसके लिए गृह मंत्रालय द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर 9319301930 पर संदिग्ध कॉल, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया अकाउंट, स्क्रीनशॉट या अन्य साइबर गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भेजी जा सकती है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा भी इस पहल को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चला रही है।

साइबर अपराध रोकने में मिलेगी बड़ी मदद

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, साइबर क्राइम राजस्थान, श्री वीके सिंह ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से उन परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है, जहां किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी का प्रयास तो हुआ हो, लेकिन वह आर्थिक नुकसान से बच गया हो।

उन्होंने कहा कि अक्सर लोग साइबर ठगी से बचने के बाद राहत महसूस करते हैं और घटना की जानकारी पुलिस या साइबर एजेंसियों तक नहीं पहुंचाते। जबकि ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग करने से अपराधियों के नेटवर्क तक पहुंचना आसान हो जाता है और भविष्य में अन्य लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सकता है। सिंह ने कहा कि “TELL 14C चैटबॉट” साइबर अपराधियों के खिलाफ एक प्रिवेंटिव सिस्टम के रूप में काम करेगा, जिससे समय रहते तकनीकी और कानूनी कार्रवाई संभव हो सकेगी।

क्या है TELL 14C चैटबॉट?

“TELL 14C चैटबॉट” एक संदिग्ध साइबर गतिविधि रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे खासतौर पर साइबर अपराध के प्रयासों की जानकारी जुटाने के लिए विकसित किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर केवल उन मामलों की सूचना दी जा सकती है, जिनमें ठगी का प्रयास हुआ हो, लेकिन आर्थिक नुकसान नहीं हुआ हो।

यदि कोई व्यक्ति वास्तव में साइबर ठगी का शिकार हो चुका है या उसके खाते से धनराशि निकल चुकी है, तो उसे राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी होगी।

ऐसे करें चैटबॉट का उपयोग

व्हाट्सएप आधारित इस प्लेटफॉर्म का उपयोग बेहद आसान रखा गया है। उपयोगकर्ता को सबसे पहले अपने मोबाइल में 9319301930 नंबर सेव कर व्हाट्सएप चैट शुरू करनी होगी। इसके बाद चैटबॉट खुलने पर अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करना होगा।

रिपोर्टिंग प्रक्रिया के दौरान उपयोगकर्ता को अपना नाम, पिनकोड, राज्य, जीपीएस लोकेशन और घटना की तारीख जैसी आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसके बाद संदिग्ध वेबसाइट, ईमेल, यूआरएल, यूपीआई आईडी, मोबाइल नंबर या अन्य साइबर माध्यमों से संबंधित जानकारी अपलोड की जा सकेगी।

उपयोगकर्ता घटना से जुड़े स्क्रीनशॉट, फोटो और चैट रिकॉर्ड भी साझा कर सकते हैं। सभी जानकारी भरने के बाद सारांश पेज पर विवरण की जांच कर शिकायत सबमिट करनी होगी, जिससे रिपोर्ट सीधे 14C पोर्टल पर दर्ज हो जाएगी।

“सिर्फ बचना ही काफी नहीं, सूचना देना भी जरूरी

एडीजी श्री वीके सिंह ने कहा कि साइबर अपराध आज समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे में केवल खुद को सुरक्षित रखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना साझा करना भी नागरिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध कॉल, फर्जी निवेश योजना, बैंकिंग धोखाधड़ी, केवाईसी अपडेट के नाम पर लिंक या सोशल मीडिया के जरिए ठगी का प्रयास दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत “TELL 14C चैटबॉट” पर साझा करें।

साइबर ठगी होने पर यहां करें शिकायत

यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो वह राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है। राजस्थान पुलिस द्वारा जारी साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच “TELL 14C चैटबॉट” आमजन और साइबर एजेंसियों के बीच एक मजबूत कड़ी साबित हो सकता है, जो समय रहते अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।