462 करोड़ से बदलती तस्वीर . अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का कायाकल्प . पीआईबी जयपुर के पत्रकार दल ने रेल परियोजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा
Ananya soch
अनन्य सोच। पत्र सूचना कार्यालय जयपुर द्वारा वरिष्ठ संपादकों और रिपोर्टरों का प्रतिनिधिमंडल 18 से 23 फरवरी तक चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के अध्ययन दौरे पर है . इस दौरान दल ने रेलवे की अमृत भारत स्टेशन परियोजना तथा प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान का अवलोकन कर विकास कार्यों की जमीनी प्रगति को समझा .प्रतिनिधिमंडल ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का निरीक्षण किया . रेल भूमि विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने जानकारी दी कि ₹462 करोड़ की लागत से स्टेशन का आधुनिकीकरण किया जा रहा है . परियोजना ईपीसी मोड पर क्रियान्वित हो रही है और अब तक 87 प्रतिशत भौतिक तथा 75 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की जा चुकी है .परियोजना के तहत कुल 1,92,248 वर्गमीटर क्षेत्र का विकास किया जा रहा है . चंडीगढ़ और पंचकूला दोनों ओर जी प्लस 3 के नए भवन बन रहे हैं . 72 मीटर चौड़ा और 80 मीटर लंबा एयर कांकॉर्स, 12 मीटर चौड़े दो फुट ओवर ब्रिज, 30 लिफ्ट और 10 एस्केलेटर दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं के साथ तैयार किए जा रहे हैं . 4,000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में फूड प्लाजा और रिटेल आउटलेट विकसित होंगे . 1350 kWp क्षमता का सोलर प्लांट और आधुनिक बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम स्टेशन को स्मार्ट और हरित ऊर्जा आधारित बनाएंगे . उद्देश्य स्टेशन को “एयरपोर्ट जैसा अनुभव” देने वाला विश्वस्तरीय यात्री केंद्र बनाना है . इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान का दौरा किया . चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल ने संस्थान की उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं और रोगी देखभाल प्रणाली की जानकारी दी . डॉ. नवीन पांडेय ने आयुष्मान भारत योजना के प्रभाव पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि 2019 से अब तक हजारों लाभार्थियों का उपचार किया गया है .
विशेषज्ञता के आधार पर मेडिकल ऑन्कोलॉजी, जनरल मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स में बड़ी संख्या में मरीजों को लाभ मिला है, जबकि 211 किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए गए हैं . संस्थान जटिल और जीवनरक्षक उपचार सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा ढांचे के अंतर्गत उपलब्ध करा रहा है . अंगदान और प्रत्यारोपण की पारदर्शी प्रणाली भी उल्लेखनीय रही .
पत्रकारों ने एंडोक्राइनोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. संजय भदादा से मुलाकात कर मधुमेह और मेटाबोलिक बोन डिजीज के बढ़ते मामलों पर जानकारी ली . प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की कार्यकुशलता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की . दल आगे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रोपड़, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रोपड़ और डॉ बी आर अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जालंधर का भी दौरा करेगा .
दल ने पत्र सूचना कार्यालय, चंडीगढ़ का भी भ्रमण किया . यह दौरा केंद्र सरकार की विकास योजनाओं के प्रभाव को समझने और जनसामान्य तक प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है .