‘खेत बचाओ अभियान’ बना किसानों की नई ताकत: 2.71 करोड़ लोगों तक पहुंचा संदेश, 7 लाख से ज्यादा किसान हुए जागरूक

मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक उपयोग पर देशव्यापी मुहिम, 12,979 शिविरों के जरिए टिकाऊ खेती को मिला बढ़ावा

May 22, 2026 - 18:14
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‘खेत बचाओ अभियान’ बना किसानों की नई ताकत: 2.71 करोड़ लोगों तक पहुंचा संदेश, 7 लाख से ज्यादा किसान हुए जागरूक

अनन्य सोच। खेती की बढ़ती लागत और मिट्टी की घटती उर्वरता के बीच किसानों को वैज्ञानिक खेती की राह दिखाने वाला ‘खेत बचाओ अभियान’ देशभर में बड़ा असर छोड़ रहा है। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के अंतर्गत Indian Council of Agricultural Research द्वारा चलाए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी अभियान ने अब तक 2.712 करोड़ नागरिकों तक अपनी पहुंच बनाकर मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा की है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने और रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि मिट्टी की उर्वरता सुरक्षित रहे और खेती लंबे समय तक लाभकारी बनी रहे।

12 हजार से ज्यादा शिविर, लाखों किसानों तक सीधा संवाद

‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत अब तक देशभर में 12,979 जागरूकता शिविर और सेमिनार आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों में 7.17 लाख किसानों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा संरक्षण से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी हासिल की।

क्षमता निर्माण को मजबूत करने के लिए 3,145 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 1.11 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा हरी खाद, जैव उर्वरक और जैविक स्रोतों पर आधारित 7,928 क्षेत्रीय प्रदर्शनों के जरिए किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

पंचायत से लेकर डीलरों तक जुड़ा अभियान

अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। इसके तहत 4,916 जनप्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें सरपंच और जिला परिषद सदस्यों ने भाग लिया।

उर्वरक उपयोग की श्रृंखला में डीलरों की अहम भूमिका को देखते हुए 9,609 संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, ताकि किसानों तक संतुलित उर्वरक उपयोग का संदेश प्रभावी तरीके से पहुंच सके।

सोशल मीडिया और मीडिया प्रसारण से बढ़ी पहुंच

अभियान ने किसान संगठनों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और किसान समूहों को भी जोड़ा। 8,383 किसान सदस्यों को इन माध्यमों से अभियान से जोड़ा गया। प्रचार सामग्री को 53,616 स्थानों पर प्रदर्शित किया गया, जबकि 944 रेडियो वार्ताओं और 200 टीवी व डिजिटल कार्यक्रमों सहित 1,144 मीडिया प्रसारणों ने इसकी पहुंच को और मजबूत किया।

सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार के जरिए यह अभियान 2.712 करोड़ लोगों तक पहुंच चुका है, जो इसकी व्यापक स्वीकार्यता और प्रभाव को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘खेत बचाओ अभियान’ केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि टिकाऊ और वैज्ञानिक खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनकर उभर रहा है।