जयपुर में 23 मार्च को सजेगा सम्मान का मंच: ‘मछली एवं वन्य प्राणी मित्र पुरस्कार’ में चमकेंगे संरक्षण के नायक

वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संतुलन के लिए समर्पित ‘अनसंग हीरोज’ को मिलेगा गौरव

जयपुर में 23 मार्च को सजेगा सम्मान का मंच: ‘मछली एवं वन्य प्राणी मित्र पुरस्कार’ में चमकेंगे संरक्षण के नायक

Ananya soch: Environmental Conservation

अनन्य सोच। Wildlife Protection: प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वन अधिकारियों और वालंटियर्स को सम्मानित करने के लिए ‘मछली एवं वन्य प्राणी मित्र पुरस्कार’ का छठा संस्करण 23 मार्च, सोमवार को जयपुर के आईटीसी राजपुताना होटल में आयोजित होगा। यह प्रतिष्ठित आयोजन प्रभा खेतान फाउंडेशन (पीकेएफ) और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

 समर्पण और साहस को मिलेगा सम्मान

यह वार्षिक पुरस्कार उन व्यक्तियों को समर्पित है, जिन्होंने वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन में असाधारण भूमिका निभाई है। पीकेएफ के मैनेजिंग ट्रस्टी संदीप भूतोड़िया ने कहा कि सच्चा संरक्षण नीतियों से नहीं, बल्कि उन लोगों के निरंतर प्रयासों से संभव है, जो निस्वार्थ भाव से प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करते हैं।

प्रेरणा का केंद्र बनेगा आयोजन

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के वरिष्ठ निदेशक डॉ. दीपांकर घोष के अनुसार, यह मंच राजस्थान में संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत ‘चैंपियंस’ को पहचान देगा और अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा। वहीं, हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स अरिजीत बनर्जी ने इसे वन विभाग के फील्ड स्टाफ और समुदायों के मनोबल को बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

पुरस्कार राशि और चयन प्रक्रिया

‘मछली’ पुरस्कार के तहत कुल 2.5 लाख रुपये चार विजेताओं में समान रूप से वितरित किए जाएंगे, जबकि ‘वन्य प्राणी मित्र’ पुरस्कार के अंतर्गत 1.5 लाख रुपये तीन विजेताओं को दिए जाएंगे। सभी विजेताओं को प्रशंसा-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित जूरी—राहुल भटनागर, राजपाल सिंह और यश सेठिया—द्वारा किया गया है।

 साझा प्रयासों की मिसाल

गौरतलब है कि प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए कुल लगभग 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। यह आयोजन मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरक पहल साबित होगा।