रक्षा प्लस लॉन्च: आपदा और इमरजेंसी के समय अब मिलेगा त्वरित डिजिटल रेस्पॉन्स

एक क्लिक पर लाखों लोगों तक पहुंचेगा अलर्ट, फोटो और वीडियो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक रामप्रसाद ने किया लॉन्च

May 14, 2026 - 15:22
May 14, 2026 - 15:22
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रक्षा प्लस लॉन्च: आपदा और इमरजेंसी के समय अब मिलेगा त्वरित डिजिटल रेस्पॉन्स

अनन्य सोच। देशभर में बढ़ती दुर्घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन परिस्थितियों के बीच सुरक्षा और त्वरित सहायता को ध्यान में रखते हुए “रक्षा प्लस” नामक उन्नत रियल टाइम इमरजेंसी रिस्पॉन्स एंड कॉर्डिनेशन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया। गुरुवार सुबह आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक Ramprasad  ने इस अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर रक्षा प्लस के डेवलपर्स Dr. Sanjay Khandelwal और Dushyant Yadav ने प्लेटफॉर्म की विशेषताओं और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस तकनीक की सराहना करते हुए इसे समय की बड़ी आवश्यकता बताया।

सुरक्षा के लिए तकनीक के साथ कदमताल जरूरी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामप्रसाद जी भाईसाहब ने कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार के डिजिटल सुरक्षा प्लेटफॉर्म समाज की आवश्यकता बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमें सुरक्षा के प्रति जागरूक और सतर्क रहना होगा तथा आधुनिक तकनीक का उपयोग कर समाज और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में त्वरित सूचना और समन्वय किसी भी आपदा के प्रभाव को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। रक्षा प्लस इसी सोच के साथ विकसित किया गया है ताकि संकट के समय लोगों तक तत्काल सहायता और सूचना पहुंचाई जा सके।

केवल अलर्ट नहीं, बल्कि एक्शन बेस्ड इमरजेंसी प्लेटफॉर्म

हाल ही में भारत सरकार द्वारा देशभर में गवर्नमेंट इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया था, जिसमें लाखों मोबाइल उपभोक्ताओं को इमरजेंसी संदेश प्राप्त हुए थे। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए रक्षा प्लस को केवल अलर्ट सिस्टम नहीं, बल्कि एक “एक्शन बेस्ड इमरजेंसी रेस्पॉन्स प्लेटफॉर्म” के रूप में विकसित किया गया है।

इस ऐप में इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम तैयार किया गया है, जिसके जरिए किसी भी आपात स्थिति में केवल एक बटन दबाते ही संबंधित लोगों तक सूचना पहुंच जाएगी। इससे त्वरित कार्रवाई संभव होगी और जनहानि एवं धनहानि को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से छोटे समूह से लेकर लाखों लोगों तक पलभर में अलर्ट, फोटो और वीडियो साझा किए जा सकते हैं।