रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना बनी निवेशकों की पहली पसंद

दसवें चरण में 465 भूखण्डों के लिए आए करीब 800 आवेदन, राज्य में निवेश और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

May 16, 2026 - 22:58
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रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना बनी निवेशकों की पहली पसंद

अनन्य सोच। राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation की प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 अब गेमचेंजर स्कीम के रूप में उभर रही है। योजना के प्रति निवेशकों का बढ़ता रुझान इस बात का संकेत है कि राज्य तेजी से नए औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

रीको द्वारा संचालित योजना के दसवें चरण में 465 औद्योगिक भूखण्डों के लिए करीब 800 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन भूखण्डों का कुल क्षेत्रफल लगभग 294 एकड़ है, जबकि उनकी अनुमानित कीमत करीब 550 करोड़ रुपये आंकी गई है। निवेशकों की इस बड़ी भागीदारी को राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों और सरल प्रक्रियाओं का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।

इस चरण में जोधपुर के औद्योगिक क्षेत्र कांकाणी के लिए सर्वाधिक 267 आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा अजमेर स्थित आईजीपी अजयमेरू पालड़ा विस्तार के लिए 48, अलवर के आईजीपी रूंध सोखरी के लिए 43, पचपदरा रिफाइनरी के समीप विकसित बोरावास कलावा प्रथम क्षेत्र के लिए 31 तथा बोरानाडा विस्तार औद्योगिक क्षेत्र के लिए 58 आवेदन आए हैं।

रीको ने असंतृप्त औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से फ्लेक्सिबल लैंड लीज और किराया नीति में आंशिक संशोधन भी किया है। नई व्यवस्था के तहत जिन औद्योगिक क्षेत्रों में दो प्रयासों के बाद भी 25 प्रतिशत से अधिक भूखण्ड आवंटित नहीं हो पाए हैं, वहां भूखण्डों का आवंटन प्रचलित दर के 60 प्रतिशत अथवा आरक्षित दर, जो भी अधिक हो, पर किया जाएगा।

इस नीति का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। नौवें चरण में 60 प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराए गए 22 भूखण्डों के लिए 25 आवेदन प्राप्त हुए थे, जबकि दसवें चरण में ऐसे असंतृप्त क्षेत्रों के लिए रिकॉर्ड 113 आवेदन मिले हैं। अजमेर, चूरू, किशनगढ़, लोहावट और मंडौर जैसे क्षेत्रों में निवेशकों की विशेष रुचि देखने को मिली है।

राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप रीको लगातार प्रक्रियाओं को सरल बनाकर उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में जुटा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना आने वाले समय में राजस्थान को औद्योगिक निवेश का मजबूत केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।