पुरानी गाड़ियों को ‘इलेक्ट्रिक’ बनाने पर सख्ती: सरकार ने जारी किए कड़े नियम, अब सिर्फ प्रमाणित किट ही मान्य
टाइप अप्रूवल अनिवार्य, अधिकृत सेंटर पर ही होगा इंस्टॉलेशन—सुरक्षा और मानकीकरण पर विशेष जोर
अनन्य सोच। पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित ईवी रूपांतरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों में इलेक्ट्रिक (ईवी) रेट्रोफिटमेंट किट लगाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने स्पष्ट किया है कि अब केवल वही किट उपयोग में लाई जा सकेगी, जिसे केंद्रीय जांच एजेंसियों से टाइप अप्रूवल प्राप्त हो और जिसमें संबंधित वाहन मॉडल का स्पष्ट उल्लेख हो।
अधिकृत सेंटर पर ही होगा काम
नए नियमों के अनुसार, ईवी रेट्रोफिटमेंट किट केवल परिवहन विभाग से अधिकृत केंद्रों पर ही लगाई जा सकेगी। इन केंद्रों को संचालन से पहले विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, केंद्र में न्यूनतम 450 वर्गफुट का सुरक्षित कार्यक्षेत्र, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और सभी जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
तकनीकी योग्यता और सुरक्षा पर जोर
प्रत्येक केंद्र पर कम से कम एक प्रशिक्षित आईटीआई योग्य तकनीशियन की मौजूदगी अनिवार्य की गई है। किट इंस्टॉलेशन के दौरान सभी निर्धारित सेफ्टी कोड का पालन करना जरूरी होगा, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना या तकनीकी खामी से बचा जा सके।
वाहन मालिकों के लिए जरूरी दस्तावेज
किट लगाने के बाद वाहन मालिक को बिल, किट निर्माता का प्रमाण पत्र और टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट देना अनिवार्य रहेगा।
परिवहन विभाग का मानना है कि इन सख्त नियमों से ईवी रूपांतरण की प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और मानकीकृत होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वाहन चालकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।